24 News Update श्रीनगर: हर साल होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2025 से शुरू होगी और 9 अगस्त 2025 को समाप्त होगी. यात्रा से पहले जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास में तैयारियां चल रही हैं. यात्रियों के स्वागत के लिए माहौल खुशनुमा बनाने के लिए दीवारें और अन्य जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है. यात्रा के सुरक्षित और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इस बीच सीआरपीएफ के महानिदेशक ने रविवार को भगवती नगर कैंप का दौरा कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. इसके अलावा जगह-जगह अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. आज जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर ने भी अपने कार्यालय में अमरनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर एक अहम बैठक बुलाई है. इससे पहले जम्मू के डिप्टी कमिश्नर ने भी अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जम्मू में एक बैठक बुलाई थी. बैठक के दौरान जम्मू के डिप्टी कमिश्नर ने जम्मू रेलवे स्टेशन और भगवती नगर यात्री निवास समेत प्रमुख स्थानों पर भीड़ नियंत्रण,सफाई और उचित आवास सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया. अर्धसैनिक बलों की तैनातीबैठक में अर्धसैनिक बलों की तैनाती और नोडल अधिकारियों की भूमिका का स्पष्टीकरण, स्वच्छता और शौचालय सुविधाओं का उन्नयन, सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदायक आवास का प्रावधान, अग्नि सुरक्षा जांच और मजबूत भीड़ प्रबंधन रणनीतियों पर चर्चा की गई.डिप्टी कमिश्नर ने सभी विभागों को निकट समन्वय में काम करने और यात्रा के दौरान किसी भी मुद्दे को तुरंत हल करने के लिए निरंतर संचार बनाए रखने का निर्देश दिया था. उन्होंने तीर्थयात्रा से पहले सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने और तीर्थयात्रियों के लिए सेवा और आतिथ्य के उच्च मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. चूंकि हजारों भक्तों के आध्यात्मिक यात्रा में भाग लेने की उम्मीद है, इसलिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने सभी यात्रियों के लिए उनकी सुरक्षा और नाजुक हिमालयी पर्यावरण के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं. यात्री क्या करें? प्रत्येक रजिस्टर पैसेंजर के लिए यात्रा पर जाने से पहले जम्मू/कश्मीर डिविजन में निर्दिष्ट स्थानों से अपना RFID कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य है. RFID कार्ड प्राप्त करने के लिए अपनी आधार डिटेस साथ रखें. यात्रा के दौरान सुरक्षा और संरक्षा के लिए हर समय अपने गले में RFID टैग पहनें. पर्याप्त ऊनी कपड़े साथ रखें क्योंकि तापमान कभी-कभी अचानक 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है. यात्रा क्षेत्र में मौसम अप्रत्याशित होने के कारण छाता, विंड चीटर, रेनकोट और वाटरप्रूफ जूते साथ रखें. अपने कपड़े और खाने-पीने की चीजें एक वाटरप्रूफ बैग में रखें ताकि आपका सामान गीला न हो. इमरजेंसी के लिए अपनी जेब में एक नोट रखें, जिसमें आपका नाम/पता, मोबाइल टेलीफोन नंबर हो. अपना पहचान पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस और यात्रा परमिट अपने साथ रखें.यात्री क्या न करें? किसी भी रजिस्टर यात्री को RFID कार्ड के बिना यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऊंचाई पर होने वाली बीमारियों के लक्षणों को नजरअंदाज न करें. शराब, कैफीन युक्त पेय या धूम्रपान न करें. उन जगहों पर न रुकें जहां चेतावनी नोटिस लगे हों. चप्पल का उपयोग न करें क्योंकि पवित्र गुफा के रास्ते में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव है. केवल फीते वाले ट्रेकिंग जूते पहनें. रास्ते में कोई भी छोटा रास्ता न चुनें क्योंकि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है. अपनी पूरी आगे/वापसी यात्रा के दौरान ऐसा कुछ न करें, राज्य में प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और कानून के तहत दंडनीय है. Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पीएम मोदी ने पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पालासिओस से की मुलाकात श्री चतुर्भुज हनुमान राष्ट्रीय व्यायामशाला हरिदास जी की मगरी मे बीस दिवसीय निःशुल्क ग्रीष्मकालीन कुश्ती प्रशिक्षण शिविर का उद्धघाटन समारोह आयोजित