24 News Update उदयपुर, 30 जुलाई। राज्यव्यापी ऑपरेशन स्माइल अभियान के अंतर्गत उदयपुर रेंज पुलिस और यूनिसेफ राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को विद्याभवन ऑडिटोरियम, फतहपुरा में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों एवं संरक्षण विषय पर रेंज स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ अधिकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना रहा।कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उदयपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस थानों में नियुक्त नोडल अधिकारियों को ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण अधिनियम-2019 का गहन अध्ययन कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक व्यवहार और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।मुख्य प्रशिक्षक एवं नई भौर संस्थान की निदेशक पुष्पा माई ने ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण अधिनियम-2019 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से समुदाय के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न प्रयासों और योजनाओं की भी जानकारी साझा की।यूनिसेफ राजस्थान की बाल संरक्षण अधिकारी हिमाली लेउवा ने ट्रांसजेंडर बच्चों के अधिकार, सुरक्षा और शोषण की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना समाज, पुलिस और बाल संरक्षण तंत्र की साझा जिम्मेदारी है।उदयपुर रेंज की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेतना भाटी ने पुलिस अधिकारियों से ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े मामलों में निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। वहीं मनोचिकित्सक डॉ. अंजली शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य, अवसाद और उससे बचाव के उपायों पर जानकारी देते हुए मानसिक स्वास्थ्य सहायता हेल्पलाइन 14416 की उपयोगिता बताई।समाज कल्याण एवं अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक आरूषी मेम ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। विभाग के परामर्शदाता अमित भट्ट ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया, पेंशन, छात्रवृत्ति, स्माइल योजना, गरिमा गृह, ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड तथा अन्य निःशुल्क एवं रियायती योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।यूनिसेफ की राज्य स्तरीय सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुलिस और ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच विश्वास एवं समन्वय बढ़ाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान जेंडर समानता पर आधारित वीडियो और प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई तथा खुली चर्चा में प्रतिभागियों ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े मामलों में आने वाली चुनौतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया।कार्यशाला में उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, नोडल अधिकारी, चाइल्ड लाइन प्रतिनिधि, ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य तथा पुलिसिंग फॉर केयर कार्यक्रम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 200 से अधिक प्रतिभागी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्या पंवार ने किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पिपलांत्री वृक्षारोपण परियोजना का दो दिवसीय वैलिडेशन पूरा, कार्बन क्रेडिट पंजीकरण की दिशा में बढ़ा कदम चित्तौड़गढ़ से उदयपुर ला रहे थे 207 ग्राम एमडीएमए, सविना पुलिस ने कार समेत दो तस्करों को दबोचा; पुराने अपराधी निकले आरोपी