24 News Update उदयपुर, 30 अगस्त। नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने उदयपुर के सभी 80 वार्डों में अपने पत्ते खोल दिए हैं। प्रत्याशियों की सूची में पार्टी ने सिर्फ जीत की संभावनाओं वाले चेहरों को तलाशने के बजाय अनुभव, संगठन, युवा नेतृत्व, राजनीतिक परिवार और ग्रामीण इलाकों के प्रभावशाली चेहरों का मिश्रण तैयार किया है। टिकट वितरण में कुछ नामों से पार्टी ने अपने पुराने सियासी आधार को साधने की कोशिश की है तो कुछ फैसले आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर असंतोष की परीक्षा भी ले सकते हैं। सूची में सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड 73 की है, जहां कांग्रेस ने डॉ. हितांशी शर्मा को फिर मैदान में उतारा है। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के परिवार से हैं और पहले पार्षद रह चुकी हैं। उनके ससुर गोपाल शर्मा उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसे में यह टिकट केवल एक उम्मीदवार की वापसी नहीं, बल्कि शहर की पुरानी कांग्रेस राजनीति से जुड़े परिवार पर पार्टी के भरोसे का संकेत भी है। दूसरी ओर वार्ड 17 में डॉ. पूनम कुंवर राठौड़ को प्रत्याशी बनाया गया है। वे शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ की पत्नी हैं। पार्टी की सूची में यह दूसरा प्रमुख राजनीतिक पारिवारिक कनेक्शन है, जिसने टिकट वितरण को लेकर चर्चा तेज कर दी है। महापौर प्रत्याशी से पूर्व पार्षद तक, पुराने चेहरों की वापसी कांग्रेस ने पिछली नगर निगम की राजनीति में पहचान बना चुके चेहरों को भी पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया है। सात पूर्व पार्षदों को दोबारा चुनाव मैदान में उतारा गया है। इनमें वार्ड 3 से पिछली बार महापौर पद के कांग्रेस प्रत्याशी रहे अरुण टांक, वार्ड 7 से शंकर चंदेल, वार्ड 22 से हिदायतुल्लाह, वार्ड 25 से नेहा कुमावत, वार्ड 37 से लक्ष्मीनारायण मेघवाल, वार्ड 70 से शिप्रा उपाध्याय और वार्ड 73 से हितांशी शर्मा शामिल हैं। इन चेहरों के जरिए पार्टी ने निगम की राजनीति का अनुभव और पुराने संपर्कों को फिर इस्तेमाल करने का फैसला किया है। खासकर अरुण टांक को टिकट मिलने से वार्ड 3 का मुकाबला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। युवा चेहरों के जरिए नई पीढ़ी को संदेश कांग्रेस की सूची में युवा नेतृत्व को भी जगह दी गई है। यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन केलावत को वार्ड 2 से टिकट दिया गया है। वार्ड 14 से सिद्धार्थ सोनी को मैदान में उतारकर पार्टी ने युवा चेहरे पर भरोसा जताया है। वहीं वार्ड 45 से पंकज सुखवाल की उम्मीदवारी अलग राजनीतिक संदेश देती है। भाजपा से जनता सेना और फिर कांग्रेस में आए सुखवाल को टिकट देकर कांग्रेस ने दल बदलकर पार्टी में शामिल हुए नेताओं के लिए भी अपने दरवाजे खुले होने का संकेत दिया है। वार्ड 66 से सत्येंद्र चौधरी की उम्मीदवारी भी चर्चा में है। वे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। यानी कांग्रेस ने टिकट बांटते समय उम्मीदवार की पूर्व राजनीतिक पृष्ठभूमि के बजाय स्थानीय चुनावी उपयोगिता को भी महत्व दिया है। गांव की चौपाल से निगम की राजनीति तक कांग्रेस ने निगम क्षेत्र के ग्रामीण हिस्सों में अपने प्रभाव को मजबूत करने के लिए पंचायत राजनीति से जुड़े चेहरों को भी टिकट दिया है। वार्ड 1 से बड़गांव के पूर्व सरपंच संजय शर्मा, वार्ड 79 से अंबेरी के सरपंच बाबूलाल गमेती, वार्ड 80 से सापेटिया सरपंच के बेटे योगेश पुष्करना और वार्ड 78 से रमेश डांगी को मैदान में उतारा गया है। इन टिकटों के जरिए कांग्रेस ने उन इलाकों में स्थानीय पकड़ रखने वाले चेहरों को आगे किया है, जहां पंचायत और नगर निगम की राजनीति के समीकरण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। वार्ड 59 ने सूची जारी होते ही बढ़ाई बेचैनी टिकट घोषणा के बाद सबसे पहले सवाल वार्ड 59 को लेकर उठे। कांग्रेस ने यहां विनिया सालवी को प्रत्याशी बनाया है। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इस नाम पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वार्ड से सात लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन विनिया सालवी का नाम आवेदन करने वालों में नहीं था। कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह से भी संपर्क किया। अजय सिंह के अनुसार उन्होंने पार्टी के स्तर पर आपत्ति से अवगत करा दिया है। अब देखना यह होगा कि पार्टी इस असंतोष को कैसे संभालती है और क्या इसका असर चुनावी मैदान में दिखाई देता है। कुछ पुराने दावेदार बाहर, टिकट कटने के पीछे क्या संदेश? कांग्रेस की सूची में वरिष्ठ नेता राजीव सुहालका और राव कल्याण सिंह के नाम नहीं हैं। वहीं अजय पोरवाल और देवेंद्र माली को भी टिकट नहीं मिला। इन नामों की गैरमौजूदगी पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बनी हुई है। अजीत चौधरी को वार्ड 6 से उतारा गया है, जबकि उनका जुड़ाव वार्ड 2 से बताया जा रहा है। ऐसे फैसलों से यह संकेत भी निकलता है कि कांग्रेस ने कुछ उम्मीदवारों को उनके पुराने क्षेत्र से अलग वार्ड में भेजकर स्थानीय समीकरणों के आधार पर नई रणनीति बनाई है। 80 टिकटों में कांग्रेस की रणनीति के चार संकेत पूरी सूची को राजनीतिक नजरिए से देखें तो कांग्रेस ने एक साथ कई समीकरण साधने की कोशिश की है। पार्टी ने निगम का अनुभव रखने वाले पूर्व पार्षदों को वापस लाकर पुराने नेटवर्क को सक्रिय करने की कोशिश की है। राजनीतिक परिवारों के चेहरों को टिकट देकर स्थापित प्रभाव को बनाए रखा है। युवा नेताओं के जरिए नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व बढ़ाया है और सरपंच व पंचायत राजनीति से जुड़े चेहरों को उतारकर ग्रामीण प्रभाव को शहरी चुनाव से जोड़ने की कोशिश की है। लेकिन टिकट वितरण का दूसरा पहलू भी है। जिन दावेदारों ने लंबे समय तक तैयारी की और टिकट नहीं मिला, उनके समर्थकों को पार्टी के साथ बनाए रखना अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब टिकट से ज्यादा महत्वपूर्ण होगी बगावत रोकने की रणनीति 80 वार्डों में उम्मीदवार तय हो चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए असली परीक्षा अब शुरू होगी। नामांकन की प्रक्रिया के साथ यह साफ होगा कि कितने असंतुष्ट दावेदार मैदान में बने रहते हैं और कितने पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में वापस आते हैं। नगर निगम चुनाव में कई वार्डों में जीत-हार का अंतर बहुत कम रह सकता है। ऐसे में एक नाराज दावेदार, कुछ दर्जन वोटों का बिखराव और भीतरघात का एक छोटा सा असर भी समीकरण बदल सकता है। इसलिए कांग्रेस की घोषित सूची के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उम्मीदवारों का नहीं, संगठन को एकजुट रखने का है। किस वार्ड से कौन मैदान में कांग्रेस ने वार्ड 1 से संजय शर्मा, वार्ड 2 से हर्षवर्धन केलावत, वार्ड 3 से अरुण टांक, वार्ड 4 से स्नेहलता टांक, वार्ड 5 से रवि सुखवाल, वार्ड 6 से अजीत चौधरी, वार्ड 7 से शंकर चंदेल, वार्ड 8 से रुखसार खान, वार्ड 9 से हर्ष पंवार, वार्ड 10 से राजेंद्र शर्मा, वार्ड 11 से धर्मेश प्रजापत, वार्ड 12 से यशवंत जोशी, वार्ड 13 से उषा गमेती, वार्ड 14 से सिद्धार्थ सोनी, वार्ड 15 से प्रतीक नगर, वार्ड 16 से राममूर्ति ढाभाई, वार्ड 17 से डॉ. पूनम कुंवर राठौड़, वार्ड 18 से मिथलेश वैष्णव, वार्ड 19 से राघव चपलोत, वार्ड 20 से साजिद खान, वार्ड 21 से राहुल माली, वार्ड 22 से हिदायतुल्लाह, वार्ड 23 से चेतन लोहार, वार्ड 24 से सुंदरलाल वासिता, वार्ड 25 से नेहा कुमावत, वार्ड 26 से राजेश खत्री, वार्ड 27 से रितु मेहता, वार्ड 28 से महिमा चुग, वार्ड 29 से नीना अग्रवाल, वार्ड 30 से कृष्णा सालवी, वार्ड 31 से हीना कौसर बानो, वार्ड 32 से लोकेश मेघवाल, वार्ड 33 से दीपक जैन, वार्ड 34 से सीमा आचार्य, वार्ड 35 से शालिनी पाराशर, वार्ड 36 से अनु मेघवाल, वार्ड 37 से लक्ष्मीनारायण मेघवाल, वार्ड 38 से मीना बानो, वार्ड 39 से अनिल जोशी, वार्ड 40 से दीपिका भोजक, वार्ड 41 से मेघराज गमेती, वार्ड 42 से डॉ. खुशी गमेती, वार्ड 43 से राजकुमार गमेती, वार्ड 44 से दिनेशचंद्र चोबीसा, वार्ड 45 से पंकज सुखवाल, वार्ड 46 से कुलदीप माली, वार्ड 47 से शांता देवी, वार्ड 48 से नानालाल सुथार, वार्ड 49 से श्यामसुंदर गुर्जर, वार्ड 50 से युवराज सिंह झाला, वार्ड 51 से गजेंद्र सिंह शक्तावत, वार्ड 52 से वनिता चोरड़िया, वार्ड 53 से मनोज भराड़िया, वार्ड 54 से अमित श्रीवास्तव, वार्ड 55 से आशा सैनी, वार्ड 56 से प्रियंका गर्ग, वार्ड 57 से प्रेमदेवी गुर्जर, वार्ड 58 से मीरा डांगी, वार्ड 59 से विनिया सालवी, वार्ड 60 से प्रेमलता पालीवाल, वार्ड 61 से सीमा डांगी, वार्ड 62 से सविता गमेती, वार्ड 63 से ईश्वर सिंह, वार्ड 64 से जोगेंद्र सिंह, वार्ड 65 से किशन भील, वार्ड 66 से सत्येंद्र चौधरी, वार्ड 67 से मैनासालवी, वार्ड 68 से शैफाली साहू, वार्ड 69 से किरण पालीवाल, वार्ड 70 से शिप्रा उपाध्याय, वार्ड 71 से रामचंद्र टेलर, वार्ड 72 से देवीलाल चौधरी, वार्ड 73 से डॉ. हितांशी शर्मा, वार्ड 74 से मितालाल डांगी, वार्ड 75 से तुलसीराम लोहार, वार्ड 76 से इंदिरा डांगी, वार्ड 77 से भीमशंकर भील, वार्ड 78 से रमेश डांगी, वार्ड 79 से बाबूलाल गमेती और वार्ड 80 से योगेश पुष्करना को प्रत्याशी बनाया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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