24 News Update निम्बाहेड़ा कविता पारख। स्थानीय शांति नगर स्थित नवकार भवन में आयोजित चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री युग प्रभ जी म.सा. ने कहा कि धर्म मनुष्य को युद्ध की नहीं, बुद्ध बनने की प्रेरणा देता है। जब तक जीवन में सरलता नहीं आती, तब तक बुद्धत्व की ओर बढ़ना संभव नहीं होता।मुनि श्री ने कहा कि आज का मानव बुद्धू शब्द सुनना तो नहीं चाहता, लेकिन बुद्ध बनने के मार्ग को अपनाना भी नहीं चाहता। जब तक मनुष्य गलत दिशा में जा रही बस में बैठकर यात्रा करता रहेगा, तब तक वह बुद्धू की श्रेणी में ही आता रहेगा।उन्होंने आगे कहा, जो व्यक्ति अपनी भूल को भूल मानता है, वह आत्मा है; जो उसे फूल समझता है, वह दुरात्मा है; जो भूल को शूल माने, वह महात्मा है; और जो भूल करने की क्षमता को समाप्त कर देता है, वही परमात्मा कहलाने योग्य होता है।मुनि श्री ने सरलता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जीवन में जब सरलता आती है, तब व्यक्ति अपनी भूलों का बचाव नहीं करता बल्कि उन्हें स्वीकार करता है। भूल को छिपाने का प्रयास वही करता है, जिसके जीवन में कपट का भाव होता है।उन्होंने कहा कि जीवन में भूल होना स्वाभाविक है, लेकिन उसे सुधारना ही हमारा कर्तव्य है। जो व्यक्ति अपने पापों को छिपाता नहीं, बल्कि उन्हें स्वीकार करता है, वही बुद्ध बनने की दिशा में अग्रसर हो सकता है। आत्मा का वास्तविक विकास भी तभी संभव है, जब हम पापों की वकालत नहीं, बल्कि स्वीकार्यता की राह अपनाएं। धर्मसभा में नगर के अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे और उन्होंने मुनि श्री के सारगर्भित प्रवचनों से जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा प्राप्त की। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जे.के. सीमेन्ट निम्बाहेडा के तत्वाधान में हरियालों राजस्थान अभियान एक पेड मॉ के नाम रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ज्ञानपथ फॉर्मेशन डिजाइन प्रतियोगिता-2025 में श्रेया को मिला राष्ट्रीय स्तर पर 23 वां स्थान