24 News Update जयपुर/झालावाड़। झालावाड़ में पिपलोदी सरकारी स्कूल हादसे (25 जुलाई) के विरोध में गिरफ्तार किए गए नरेश मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इस दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी में सवाल उठाया—“क्या धरना-प्रदर्शन करना भी अब अपराध हो गया है?”हादसे के बाद प्रदर्शन और गिरफ्तारी25 जुलाई को स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके विरोध में झालावाड़ के SRG हॉस्पिटल के बाहर धरना-प्रदर्शन चल रहा था। नरेश मीणा दोपहर बाद अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। उसी दिन पुलिस ने उन्हें शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि नरेश और उनके साथियों ने मेडिकल सुविधा में बाधा डाली और एंबुलेंस व ICU स्टाफ को अस्पताल में प्रवेश करने से रोका। इसके आधार पर पुलिस ने 26 जुलाई को नरेश को थाने से ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया।सरकार और बचाव पक्ष की दलीलेंसुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि नरेश की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है और पहले भी वे हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं। इस पर बचाव पक्ष के वकीलों—फतेहराम मीणा और रजनीश गुप्ता—ने दलील दी कि नरेश 12 मामलों में पहले ही बरी हो चुके हैं, जबकि बाकी बचे मामले राजनीतिक कारणों से दर्ज किए गए हैं। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि नरेश को पहले समरावता हिंसा मामले में बेल शर्तों के साथ दी गई थी। लेकिन कोर्ट ने दो टूक कहा कि केवल धरना-प्रदर्शन करना अपराध नहीं माना जा सकता।झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा गिरने से 25 जुलाई को सात मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करने लगे थे। इसी दौरान नरेश मीणा भी वहां पहुंचे और प्रदर्शन का नेतृत्व करने लगे, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation एसआई भर्ती-2021 रद्द करने के आदेश के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों की डिवीजन बेंच में अपील उत्तर पश्चिम रेलवे की मंडलीय समिति बैठक में सांसदों ने दिए सुझाव, रेल बजट से विकास को मिलेगी गति