— दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहरहित में काम करूंगा : पारस सिंघवी उदयपुर। नगर निगम के नवनिर्वाचित बोर्ड की पहली बैठक बुधवार को महापौर पारस सिंघवी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता, झीलों के संरक्षण, यातायात, पार्किंग और आगामी दशहरा-दीपावली मेले की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। महापौर ने आठ सूत्रीय विकास कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए कहा कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी पार्षदों को साथ लेकर शहरहित में काम करेंगे। बैठक में निगम की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए छह चारपहिया वाहन खरीदने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।बैठक में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, उपमहापौर दिनेश भट्ट, निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना सहित सभी नवनिर्वाचित पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे। शुरुआत में निगम आयुक्त ने पार्षदों का स्वागत किया और पूर्व में किए गए कार्यों तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इसके बाद सभी पार्षदों ने अपना परिचय दिया। स्वच्छता से सुशासन तक आठ प्राथमिकताएंमहापौर पारस सिंघवी ने कहा कि जनता ने उन्हें शहर की सेवा का अवसर दिया है और वे इसे अधिकार नहीं, बल्कि जवाबदेही मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के जनप्रतिनिधि हो सकते हैं, लेकिन उदयपुर का विकास सभी का साझा लक्ष्य होना चाहिए। विपक्ष के पार्षदों के जनहित से जुड़े सुझावों को भी गंभीरता से लिया जाएगा। महापौर ने आगामी कार्यकाल के लिए आठ प्रमुख प्राथमिकताएं रखीं। इनमें शहर की सफाई और कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, पिछोला और फतेहसागर सहित झीलों का संरक्षण, सड़कों की मरम्मत, यातायात और पार्किंग व्यवस्था में सुधार, सभी वार्डों का संतुलित विकास, व्यापार एवं पर्यटन को प्रोत्साहन, डिजिटल और जवाबदेह नगर निगम तथा गरीबों, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने विकास कार्यों की नियमित समीक्षा और जनभागीदारीपर भी जोर दिया। छह नए वाहन खरीदने का प्रस्ताव पारितबैठक में नगर निगम के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए छह चारपहिया वाहन खरीदने का प्रस्ताव रखा गया। महापौर ने बताया कि वाहनों की कमी के कारण निगम के कार्यों के संचालन में परेशानी आ रही थी। इस समस्या को देखते हुए वाहन खरीदने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा गया, जिसे सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। पार्षदों के काम प्राथमिकता से करने के निर्देशमहापौर ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्षदों की ओर से जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पार्षद आमजन की समस्याएं लेकर अधिकारियों के पास आते हैं, इसलिए उन समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से ही नागरिकों को सुविधाएं मिल सकेंगी और निगम की कार्यप्रणाली में सुधार होगा। प्रमोद सामर को सौंपी दशहरा-दीपावली मेले की जिम्मेदारीबैठक में आगामी दशहरा-दीपावली मेले को भव्य और व्यवस्थित बनाने पर विशेष चर्चा हुई। मेले में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों की सुविधाओं, व्यवस्थाओं और आयोजन की तैयारियों पर विचार किया गया। महापौर ने वरिष्ठ पार्षद प्रमोद सामर को मेले की संपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े आयोजनों को बेहतर प्रबंधन के साथ संपन्न कराना निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सांसद और विधायकों ने दिया सहयोग का भरोसासांसद मन्नालाल रावत ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को उदयपुर में प्रभावी ढंग से लागू कराने में निगम को सहयोग देने का आश्वासन दिया। शहर विधायक ताराचंद जैन ने नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्य आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने भी राज्य सरकार की ओर से शहर विकास के कार्यों में सहयोग का भरोसा दिलाया।बैठक के दौरान महापौर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्य वहार रखने तथा शिकायतों का समय पर समाधान करने की अपेक्षा की। समापन पर शहर के सर्वांगीण विकास, वार्डों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनहित के कार्यों को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। उपमहापौर दिनेश भट्ट ने आभार व्यक्त किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation स्कूल की छुट्टी के समय बाइक से स्टंटबाजी, 3 युवक गिरफ्तार अब रेलवे काउंटर से टिकट लेने पर भी मिलेगा यात्रा बीमा, 27 अक्टूबर से लागू होगा सुप्रीम कोर्ट का आदेश