महापौर की दो टूक—व्यवस्था सुधारें या काम छोड़ें; सीसारमा से बेड़वास तक सफाई पर उठाए सवाल, झीलों और सार्वजनिक स्थलों की निगरानी के निर्देश उदयपुर, 15 अक्टूबर। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर मिल रही शिकायतों पर नगर निगम महापौर पारस सिंघवी ने सफाई ठेकेदारों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि टेंडर हासिल कर लेना ही जिम्मेदारी पूरी करना नहीं है। ठेकेदारों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में काम करके दिखाना होगा। लापरवाही जारी रही तो भुगतान रोका जाएगा, जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी होगी। गुरुवार को सफाई ठेकेदारों के साथ बैठक में महापौर ने कहा कि अब सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। जो ठेकेदार निर्धारित शर्तों और गुणवत्ता के अनुसार काम नहीं कर सकते, वे स्वेच्छा से काम छोड़ दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसका असर जल्द ही जमीन पर दिखाई देना चाहिए। काम की गुणवत्ता तय करेगी भुगतान महापौर ने कहा कि ठेकेदारों के बिलों का भुगतान सफाई कार्य की वास्तविक गुणवत्ता के आधार पर होगा। जिस क्षेत्र में काम संतोषजनक नहीं मिला, वहां संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोका जा सकता है। कम दर पर टेंडर लेने के बाद काम में लापरवाही करने वालों को भी उन्होंने चेताया। किसी की सिफारिश के आधार पर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश सफल नहीं होगी। सिंघवी ने कहा कि निगम का उद्देश्य ठेकेदारों का भुगतान काटना नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। लेकिन कोई ठेकेदार यह सोचता है कि भुगतान कटने के बाद भी वह जिम्मेदारी से बच जाएगा, तो यह उसकी गलतफहमी है। निगम में शामिल नए क्षेत्रों की सफाई पर नाराजगी बैठक में उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) से हाल ही में नगर निगम में शामिल हुए क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। महापौर ने सीसारमा, बड़गांव-बेदला, सुखेर, भुवाणा, अंबेरी, शोभागपुरा, बेड़वास, लकड़वास, कलड़वास और तितरड़ी सहित अन्य इलाकों में कचरे के ढेर लगे रहने तथा कचरा संग्रहण स्थलों की नियमित सफाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कचरा जलाने की घटनाओं को भी गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित ठेकेदारों को इन क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। नेहरू बाल उद्यान की तस्वीरों से दिखाई जमीनी स्थिति महापौर ने बैठक में नेहरू बाल उद्यान स्थित होज की तस्वीरें ठेकेदारों को दिखाईं। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई का आकलन कागजों पर तैयार रिपोर्ट से नहीं, बल्कि मौके पर नजर आने वाली स्थिति से होगा। उद्यानों, सार्वजनिक स्थलों और कचरा संग्रहण केंद्रों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। झीलों की सफाई और निगरानी पर भी जोर उदयपुर की पहचान मानी जाने वाली झीलों के आसपास सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। महापौर ने कहा कि झीलों के किनारों और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई होनी चाहिए। जहां भी कमी मिले, उसे तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा और स्वास्थ्य निरीक्षक सुभाष चंद्र शर्मा को नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण करने और लापरवाही मिलने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महापौर ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल रिपोर्ट लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें मौके पर जाकर सफाई कार्य की गुणवत्ता भी जांचनी होगी। सिंघवी ने दोहराया कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना नगर निगम की प्राथमिकता है। ठेकेदारों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी—सफाई व्यवस्था सुधरेगी, तभी काम जारी रहेगा; लापरवाही पर कार्रवाई तय है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्री सेन वरिष्ठ नागरिक मंडल के 70 सदस्यों ने किए मेवाड़ के प्रमुख तीर्थों के दर्शन तीन साल से फरारी काट रहे दो डोडा चूरा तस्कर गिरफ्तार, एक 5 हजार का इनामी