नई दिल्ली। ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। अब रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट बुक कराने वाले यात्री भी यात्रा बीमा का विकल्प चुन सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रेलवे को 27 अक्टूबर 2026 से काउंटर टिकट पर भी ऑनलाइन बुकिंग की तरह वैकल्पिक यात्रा बीमा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इससे उन यात्रियों को फायदा मिलेगा, जो इंटरनेट के बजाय सीधे स्टेशन पहुंचकर आरक्षित टिकट खरीदते हैं।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने यह आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश के अनुसार, काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों को भी बीमा लेने का विकल्प देना होगा। यह बीमा अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि यात्री अपनी इच्छा से इसे चुन सकेंगे। ओडिशा रेल हादसे के बाद सुरक्षा पर सुनवाईजून 2023 में ओडिशा में हुए भीषण रेल हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अदालत में याचिका दायर की गई थी। इसमें रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रणालियों को जल्द लागू करने और हादसों की जांच के लिए समिति गठित करने की मांग की गई थी।सुनवाई के दौरान यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया। इनमें स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज की उपलब्धता, रेलवे पटरियों के आसपास सुरक्षा इंतजाम और काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को यात्रा बीमा का विकल्प नहीं मिलना जैसे मुद्दे शामिल थे। काउंटर टिकट वालों को क्यों होगा फायदा?अब तक ऑनलाइन आरक्षित टिकट बुक कराने के दौरान यात्रियों को यात्रा बीमा चुनने का विकल्प मिलता था, जबकि स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट लेने वालों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस अंतर को दूर करने के लिए रेलवे को व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।इस बदलाव से उन यात्रियों को विशेष लाभ मिल सकता है, जो डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल नहीं करते या किसी कारण से स्टेशन काउंटर से टिकट लेना पसंद करते हैं। हालांकि, बीमा का लाभ लेने के लिए टिकट बुक करते समय उपलब्ध विकल्प और संबंधित पॉलिसी की शर्तें देखना जरूरी होगा। किन परिस्थितियों में मिलता है बीमा कवर?रेलवे यात्रा बीमा की शर्तों के अनुसार, पात्र रेल दुर्घटनाओं में यात्री की मृत्यु, स्थायी विकलांगता या चोट लगने पर बीमा लाभ मिल सकता है। दुर्घटना की प्रकृति और नुकसान की गंभीरता के आधार पर भुगतान तय होता है। उपलब्ध पॉलिसी के तहत मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता की स्थिति में अधिकतम 10 लाख रुपये तक का कवर हो सकता है। वास्तविक लाभ संबंधित बीमा पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करेगा। आत्महत्या के प्रयास या जानबूझकर खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी परिस्थितियों में बीमा दावा स्वीकार नहीं किए जाने के प्रावधान हो सकते हैं। इसलिए यात्रियों को टिकट लेते समय बीमा की शर्तों और अपवादों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक, आठ सूत्रीय विकास कार्यक्रम पेश, 6 चारपहिया वाहन खरीदने का प्रस्ताव पारित बी.एन. कॉलेज ऑफ फार्मेसी के पूर्व छात्र प्रो. आशुतोष पारीक विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल