— उदयपुर शहर में 15 दिन से चल रहा विशेष सर्वे अभियान, सात टीमें कर रही होटल, अस्पताल, कोचिंग और व्यावसायिक भवनों की जांच 24 News update उदयपुर। शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर निगम उदयपुर ने सख्ती बढ़ा दी है। संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने और शहर के लोगों व पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगम की ओर से चलाया जा रहा विशेष फायर सेफ्टी सर्वे अभियान लगातार जारी है। पिछले 15 दिनों से निगम की सात विशेष टीमें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर व्यावसायिक और सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों की जांच कर रही हैं।नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत अब तक 655 प्रतिष्ठानों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। सर्वे के दौरान 337 प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी से संबंधित कमियां सामने आई हैं, जिन्हें लेकर निगम ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बाद भी यदि संस्थान संचालक सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सीज की कार्रवाई की जाएगी।शहर के सभी क्षेत्रों में पहुंचेगी निगम की टीमें निगम की टीमों ने शहर कोट अंदर, बलीचा, प्रतापनगर सहित विभिन्न इलाकों में निरीक्षण किया है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी यह अभियान जारी रहेगा। निगम का लक्ष्य शहर के सभी व्यावसायिक भवनों, होटल, अस्पताल, कोचिंग संस्थान, मॉल, मैरिज गार्डन, बहुमंजिला इमारतों और सार्वजनिक उपयोग वाले स्थानों का सर्वे करना है। निरीक्षण के दौरान यह देखा जा रहा है कि भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम सही स्थिति में है या नहीं, फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता, हाइड्रेंट सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और आपदा की स्थिति में बाहर निकलने के रास्ते निर्धारित मानकों के अनुसार हैं या नहीं। पर्यटन नगरी होने के कारण विशेष सतर्कताजिला अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि उदयपुर देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े होटल, रिसॉर्ट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। कई होटल और प्रतिष्ठान पुराने शहर की संकरी गलियों में भी स्थित हैं, जहां आग जैसी आपात स्थिति में चुनौती बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि इसी को ध्यान में रखते हुए निगम आयुक्त के निर्देश पर अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर शहर के सभी व्यावसायिक भवनों का सर्वे करने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में टीमों द्वारा फायर सेफ्टी के सभी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। लापरवाही मिली तो होगी सख्त कार्रवाईनगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फायर सेफ्टी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन भवनों में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि केवल नोटिस जारी करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि सभी प्रतिष्ठानों में सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान बचाना सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए भवन संचालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। नोटिस के बाद 30 दिन का समयमुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि जिन संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें 30 दिन के भीतर नगर निगम में अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। साथ ही फायर सेफ्टी में पाई गई कमियों को तय समय में सुधारना होगा। यदि कोई संस्थान नोटिस की पालना नहीं करता है तो निगम आयुक्त के निर्देश पर सीज करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। सात टीमें कर रही लगातार निगरानीइस पूरे अभियान की जिम्मेदारी जिला अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में गठित सात टीमों को दी गई है। अभियान में अग्निशमन अधिकारी शिवराम मीणा, सहायक अग्निशमन अधिकारी नवदीप सिंह बग्गा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं।निगम अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल वर्तमान जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी समय-समय पर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि उदयपुर को सुरक्षित शहर बनाया जा सके। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation महेश नवमी पर निकली भव्य शोभायात्रा, 1008 दीपकों से हुई भगवान महेश की महाआरती उदयपुर पूछ रहा सवाल- विकास की रफ्तार बुलेट ट्रेन आखिर मेवाड़ से क्यों डी—रेल हुई? गहरी नींद में हैं नेता या फिर उनके बस की बात नहीं!!