24 News Udpate उदयपुर, 22 जून। झीलों एवं धर्म की नगरी उदयपुर में श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर एवं श्री दिगम्बर जैन धर्म प्रभावना समिति उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में चारित्र चक्रवर्ति आचार्य शांतिसागर एवं संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महामुनिराज के मंगल आशीष से एवं मुनि पुंगव सुधासागर महामुनि राज के मंगल प्रेरणा से आयोजित सम्यक् ज्ञान शिक्षण शिविर का ऐतिहासिक भव्य सामूहिक समापन आरएनटी मेडिकल कॉलेज सभागार में सम्पन्न हुआ। झीलों की नगरी में आठ दिनों तक खुब धर्म ज्ञान की गंगा का प्रवाह हुआ। सभी विद्वानों को सेवा समर्पण में धार्मिक संस्कारों से ओत-प्रोत जैन धर्म की मौलिक शिक्षाएं प्रदान करने में दिए गए सहयोग के लिए साधुवाद दिया।क्षेत्रीय प्रभारी एवं शिविर संयोजक अंकित जैन शास्त्री ने बताया कि उदयपुर में विराजमान अनेकों संतो के मंगल आशीष एवं गुरुदेव के मंगल वरदहस्त की छाँव तले शिविर सानंद सम्पन्न हुआ। खचाखच भरे आरएनटी मेडिकल कॉलेज परिसर श्रावक-श्राविकाओं ने पूरा सभागार जयकारों से गुंजायमान कर दिया। आयोजन में उदयपुर के 14 मंदिरों के श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया जिनको प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरुस्कार प्रदान किया गया। 1000 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं व बच्चों ने धर्म संस्कार का ज्ञान प्राप्त किया।समापन समारोह का आगाज आचार्य विद्यासागर महाराज, आचार्य समयसागर महाराज, मुनि सुधासागर महाराज के चित्र का अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन तथा जिनवाणी विराजमान करने का लाभ पुण्यार्जक परिवारों को दिया गया। सांगानेर के 25 विद्वानों का अभिनंदन, उत्कृष्ट शिविरार्थियों,14 जिनालयों के पदाधिकारियों का सम्मान कर समस्त बच्चों को पुरस्कार दिए गए।समारोह में मुख्य अतिथि जैन-रत्न विमल पाटनी आर के मार्बल वंडर सीमेंट, समारोह अध्यक्ष समाज सेवी महेन्द्र टाया व विशिष्ट अतिथि पूर्व उप महापौर पारस सिंघवी थे। इस अवसर पर सांगानेर के उत्तम चंद पाटनी व सुरेश जैन का सानिध्य व आशीर्वाद मिला।धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष कुंथु कुमार गणपतोत ने बताया कि सुधासागर की मंगल भावना के अनुरूप संपूर्ण भारत वर्ष में जैन धर्म प्रचारक विद्वान शिविरों की माध्यम से ज्ञान गंगा का प्रवाह कर रहे हैं। समारोह अध्यक्ष महेंद्र टाया ने सांगानेर संस्थान के प्रति अपना आभार प्रकट किया। कहा कि बच्चों में यदि धार्मिक संस्कार जगाने का प्रयास किया जाए तो उनमें अच्छे गुणों का पनपना सहज हो जाएगा और अच्छे गुणों से ही सुसंस्कारित जीवन बन सकता है। सांगानेर के विद्वान ने बताया कि किस प्रकार से प्रतिदिन अभिषेक पूजन और स्वाध्याय की कक्षाओं के माध्यम से धर्म की प्रभावना हुई। चित्रकूट नगर बच्चों द्वारा नृत्य प्रस्तुति दी गई।कार्यक्रम संचालन करते हुए शिविर संयोजक पंडित अंकित शास्त्री ने शिविरों के महत्व बताए जबकि सचिव शशि कान्त शाह, महासचिव राजेन्द्र अखावत ने संचालन करते हुए प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया। मंगलाचरण निकीता शाह व अर्चना पटवारी तथा आभार महासचिव प्रकाश अखावत ने किया। मुख्य अतिथि विमल पाटनी ने निरंतर इस प्रकार के शिविर लगाने की प्रेरणा दी। पारस सिंघवी ने इन शिविरों की महती सार्थकता बताई महेन्द्र टाया ने शिविरार्थियों को सतत स्वाध्याय की प्रेरणा दी। अध्यक्ष कुंथुकुमार जैन ने स्वागत् उद्बोधन दिया ,माणक चंद लुहाडिय़ा ने भी उद्बोधन दिया। उल्लेखनीय है कि श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, धर्म प्रभावना समिति तथा महासमिति के तत्वावधान में शिविरों लगे।इस अवसर पर शशि कान्त शाह, राजेन्द्र अखावत, पंडित भुवनेश शास्त्री, जिनेन्द्र गांगावत, दिनेश सोनी, राजेश वैद, डॉ एस के लुहाडिया, प्रमोद ठोलिया, सुमति प्रकाश वालावत, रोशन आवोत, श्याम जसींगोत, दिनेश डवारा तरूण अग्रवाल, संजीव गंगवाल, राजेश बडजात्या ,डॉ नरेंद्र बैनाडा, धनपाल जेतावत, नरैन्द्र टाया, विजय लोलावत, अशोक अग्रवाल, प्रेम अग्रवाल, झमक लाल अखावत, विमल सेठ, नेमी कुमार कंठालिया, नेमीचन्द पटवारी, राजेश टाया, सुरेश वालावत, जगदीश जैन विजय टोंगिया ,मनोज गदिया आदि उपस्थित थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भैंसड़ा कला में प्रशासनिक शिविर का विरोध, ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार सहित कर्मचारियों को भवन में बंद किया मोहर्रम, निर्जला एकादशी और रथयात्रा को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक, सौहार्द के साथ पर्व मनाने का आह्वान