24 News Upadte उदयपुर। उदयपुर के भैंसड़ा कला गांव में आयोजित प्रशासनिक शिविर के दौरान पट्टों और आबादी विस्तार की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने शिविर का विरोध करते हुए नारेबाजी की और नायब तहसीलदार सहित अन्य कर्मचारियों को राजीव गांधी सेवा केंद्र के भवन में बंद कर दिया।ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र के आबादी विस्तार की मांग पिछले तीन साल से लंबित है। इसके कारण लोगों को पट्टे नहीं मिल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब शिविरों में भी पट्टे जारी नहीं किए जा रहे हैं तो ऐसे शिविरों का क्या फायदा है।विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण राजीव गांधी सेवा केंद्र के बाहर जुटे और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि वे शिविरों के माध्यम से अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। 2023 में भेजा था आबादी विस्तार का प्रस्तावग्रामीण नवल राम डांगी ने बताया कि पंचायत की आबादी विस्तार की मांग लंबे समय से चली आ रही है। इसके लिए वर्ष 2023 में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रस्ताव दोबारा उदयपुर विकास प्राधिकरण को भेजने की बात कही जा रही है, जबकि पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इससे प्रक्रिया और लंबी हो रही है।ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आबादी विस्तार की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक ग्रामीणों को पट्टे नहीं मिल पाएंगे। घटना के बाद शिविर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रयास किया। गौरतलब है कि इससे पहले भी ग्रामीण सेवा शिविरों के दौरान विरोध सामने आ चुका है। उदयपुर शहर के पास चीरवा गांव में भी शिविर के शुभारंभ के पहले दिन ग्रामीणों ने बहिष्कार किया था, हालांकि बाद में बड़गांव एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर कुछ समस्याओं का समाधान किया था। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation गंगोद भव कुंड परिसर में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, लोगों ने किया योगाभ्यास 14 मंदिरों के 1000 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं व बच्चों ने प्राप्त किया धर्म संस्कार का ज्ञान