24 News Update नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून की केरल में दस्तक भले ही कुछ दिन देर से हो रही हो, लेकिन देशभर में मौसम ने करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि मानसून अगले दो से तीन दिनों में केरल पहुंच सकता है। इसके साथ ही देश के 27 राज्यों में बारिश, आंधी और मेघगर्जन की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है, जबकि कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी और हीटवेव से जूझ रहे क्षेत्रों को बड़ी राहत मिली है।सोमवार को राजस्थान के अजमेर, नागौर और चित्तौड़गढ़ में ओलावृष्टि हुई, जबकि सवाई माधोपुर, कोटा, जोधपुर, पाली, टोंक और अलवर सहित कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर चला, उत्तर प्रदेश के झांसी और ललितपुर में झमाझम बारिश हुई, वहीं बिहार के सासाराम में भी मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रह सकती है। केरल पहुंचने की तैयारी में मानसूनमौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के ऊपर वातावरणीय परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल हो चुकी हैं। बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले अनुमान लगाया गया था कि मानसून 26 मई तक केरल पहुंच जाएगा, लेकिन इसकी गति धीमी पड़ने से आगमन में देरी हुई। अब इसके जून के पहले सप्ताह में केरल पहुंचने की संभावना है। हीटवेव का असर खत्म, राहत की बारिश शुरूदेशभर में पिछले सप्ताह तक पड़ रही भीषण गर्मी अब लगभग समाप्त हो चुकी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहेगा और हीटवेव की स्थिति नहीं बनेगी। इस बार कमजोर पड़ सकता है मानसूनहालांकि राहत की बारिश के बीच मौसम विभाग ने एक चिंताजनक अनुमान भी जारी किया है। IMD के अनुसार इस वर्ष मानसून सीजन के दौरान देश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने पूरे मानसून सीजन में वर्षा को लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 90 प्रतिशत रहने का अनुमान बताया है।भारत में 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर औसत मानसूनी वर्षा 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। यदि वर्षा LPA के 90 प्रतिशत से कम रहती है तो उसे सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में रखा जाता है। अल नीनो बढ़ा सकता है चिंतामौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो परिस्थितियां इस बार मानसून को प्रभावित कर सकती हैं। अल नीनो के दौरान समुद्र का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय मानसून कमजोर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। फिलहाल इसकी स्थिति शुरुआती चरण में है, लेकिन सितंबर तक इसके मध्यम या मजबूत रूप लेने की संभावना जताई गई है। अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 जून को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। मानसून से पहले मौसम का ट्रेलरराजस्थान में ओलावृष्टि, मध्य प्रदेश में धूलभरी आंधी, उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश, उत्तराखंड में नदियों का बढ़ता जलस्तर और पूर्वी भारत में सक्रिय बादल यह संकेत दे रहे हैं कि देश अब मानसून के प्रवेश द्वार पर खड़ा है। अगले कुछ दिन न केवल मानसून की आधिकारिक दस्तक तय करेंगे, बल्कि खरीफ सीजन की दिशा और देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक 6 जून को लौटेंगे भारत, जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग; X अकाउंट बैन पर कानूनी लड़ाई जारी वैदिक मंत्रों के बीच शुरू हुआ ऐतिहासिक बावड़ी के जीर्णोद्धार का काम, पानी छलकने की खबर से गूंजा “हर-हर गंगे”