24 News update उदयपुर। सविना खेड़ा क्षेत्र में हुई फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे 10-10 हजार रुपए के इनामी आरोपी उस्मान गनी और मोहसीन गदनीया उर्फ काणा को कथित रूप से पनाह देने और आर्थिक मदद पहुंचाने वाले एक युवक को सविना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक दोनों आरोपियों की तलाश और उन पर इनाम घोषित होने की जानकारी होने के बावजूद उन्हें छिपने के ठिकाने उपलब्ध कराने तथा फरारी के दौरान आर्थिक मदद करने में सहयोग कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों को किस-किस स्थान पर पनाह मिली और इस पूरे नेटवर्क में और कौन लोग जुड़े हैं।कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश ओझा और वृत्ताधिकारी नगर पूर्व छवि शर्मा के सुपरविजन में सविना थानाधिकारी दलबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। जन्मदिन की पार्टी के बाद चली थीं चार गोलियांमामला सविना थाना क्षेत्र में दर्ज प्रकरण संख्या 302/2026 से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 3(5) तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट सविना खेड़ा निवासी 23 वर्षीय प्रेम सिंह सोलंकी ने दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार 30 अगस्त 2026 की रात करीब 1:30 बजे प्रेम सिंह सोलंकी अपने जन्मदिन के सिलसिले में दोस्तों के साथ बलीचा स्थित महादेव होटल गए थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते एक इटियोस कार में सवार होकर आए बदमाशों ने उनके मित्र अरदीन पर कथित रूप से जान से मारने की नीयत से चार गोलियां चलाईं। इनमें से दो गोलियां अरदीन के शरीर में लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के बाद सविना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार अब तक वारदात की कथित आपराधिक साजिश रचने के आरोप में मुजफ्फर हुसैन उर्फ गोगो, उसके सहयोगी जयेश गुर्जर और गोविन्दलाल गुर्जर उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा कथित तौर पर अवैध हथियार उपलब्ध कराने के मामले में रोनक राव उर्फ रोनी को भी गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। दो आरोपी फरार हुए तो 10-10 हजार का इनामपुलिस के मुताबिक वारदात के बाद उस्मान गनी और मोहसीन गदनीया उर्फ काणा फरार हो गए थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10-10 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने लगातार ठिकाने बदले। उनकी तलाश अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात तक की गई। पुलिस टीमों ने तकनीकी इनपुट, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से दोनों को पहले गिरफ्तार किया। दोनों वर्तमान में पुलिस रिमांड पर बताए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कथित मददगारदोनों इनामी आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को कथित रूप से ऐसे व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जिसने उन्हें पनाह देने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद की थी। पुलिस का दावा है कि मददगार को दोनों आरोपियों के खिलाफ इनाम घोषित होने और पुलिस द्वारा तलाश किए जाने की जानकारी थी, इसके बावजूद उसने उन्हें छिपने के लिए ठिकाने उपलब्ध कराए और फरारी के दौरान पैसे की मदद की।इसके बाद सविना पुलिस की विशेष टीम ने दबिश देकर कथित मददगार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसकी भूमिका, आरोपियों के साथ उसके संपर्क, पैसों के लेन-देन और उन्हें उपलब्ध कराए गए ठिकानों के संबंध में पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचानपुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान तौफीक खान पुत्र बरकत खान, उम्र 21 वर्ष, निवासी आजाद नगर, गजसिंह जी की बाड़ी, रामपुरा, थाना अम्बामाता, जिला उदयपुर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड में उसका वर्तमान पता बड़ी मस्जिद कॉलोनी, बिट्टू पार्क, नूह, थाना नूह, जिला मेवात, हरियाणा दर्ज है। अब पुलिस खंगाल रही है मददगारों की पूरी कड़ीमामले में अब जांच का फोकस केवल फायरिंग की घटना तक सीमित नहीं है। पुलिस गिरफ्तार मददगार से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों इनामी आरोपियों को फरारी के दौरान कहां-कहां ठहराया गया, किसने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई, किन लोगों से संपर्क कराया गया और फरार रहने के लिए किन संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के लिए यह जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदल रहे थे। ऐसे में उन्हें स्थानीय स्तर पर किस नेटवर्क से मदद मिली, इसकी पड़ताल से मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। एसपी ने मददगारों को दी कड़ी चेतावनीजिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने कार्रवाई के बाद अपराधियों को पनाह देने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उदयपुर जिले में अपराध करने वाले बदमाशों को छिपाने, उन्हें ठहराने, आर्थिक मदद देने या कानून से बचाने के लिए प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई करने वाली टीमपूरी कार्रवाई सविना थानाधिकारी दलबीर सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में मनोहर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक, थाना हिरणमगरी; अशोक, हेड कांस्टेबल; लोकेश रायकवाल, कांस्टेबल, साइबर सेल उदयपुर; मांगीलाल, कांस्टेबल नंबर 1096, सविना तथा छगनलाल, कांस्टेबल नंबर 2533, सविना शामिल रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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