24 News Update उदयपुर। उदयपुर में कल नगर निगम चुनाव के लिए वोटिंग है। आज भी घर—घर प्रचार का जबर्दस्त जोर रहा। मैन टू मैन मार्किंग की गई और कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई। वे सब तरीके भी आजमाए गए जिनका जिक्र किए बिना आप खुद समझ जाएंगे कि क्या किया गया। दवा—दारू से लेकर दुआ तक और हाथ जोड़ने से लेकर जोड़ तोड़ तक की तगड़ी कवायदें की गई। उसके बाद शाम होते—होते प्रत्याशियों के पास बाड़ेबंदी का संदेश आ गया। सूत्रों के भारतीय जनता पार्टी की ओर से सभी प्रत्याशियों को संदेसा गया है कि कल वोटिंग के बाद साढ़े 7 बजे तय स्थान पर पहुंचना है और बसों में बैठ कर किसी अज्ञात स्थान के लिए प्रस्थान करना है। अन्य निर्देश भी दिए गए हैं कि साथ में क्या लेकर आना है। उन्हें कहा गया है कि ना उधर की बात सुननी है ना इधर की बात उधर करनी है। मोबाइल फोन पर भी समिति वार्तालाप की एसओपी जारी की गई है। सूत्रों के अनुसार भाजपा उदयपुर टीम की ओर से बाड़ेबंदी की तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है। कुल 80 वार्डों को तीन भागों में बांटा गया है। सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली सीटों के प्रत्याशियों को खुद जिलाध्यक्ष अपने खेमे में रखेंगे जबकि दूसरा खेमा विधायक तारांचद जैन का होगा। तीसरे खेमे की बागडोर रजनी डांग संभालेंगी। कहां जाना है यह सस्पेंस कल शाम को या बसों के रवाना होने के बाद खुलेगा। वैसे बताया जा रहा है कि इस चुनावी तीर्थ यात्रा के लिए उदयपुर के आस पास के कुछ धार्मिक स्थलों व सुदूरवर्ती रिसोर्ट आदि का चयन किया गया है। दूरियां इतनी ही रखी गईं हैं कि तीन दिन में जाकर वापस भी आया जा सके। और इस दौरान अज्ञातवास ऐसा रहे कि किसी से संपर्क करना भी चाहें तो भी ना हो पाएं। आपको याद दिला दें कि पिछले चुनावों में उदयपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बाड़ेबंदी की थी। परिणामों के दिन प्रत्याशी प्रकट हुए थे और उसके बाद मेयर चुनने के लिए फिर से बाड़ेबंदी में चले गए थे। इस बार भी यही हो रहा है। इस बार कांग्रेस की ओर से बाड़ेबंदी होगी या नहीं, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि इसकी संभावना बहुत कम है। लेकिन अगर भाजपा में अंदरखाने भितरघात होती है तब कांग्रेस में भी सेंधमारी की संभावना को लेकर बाड़ेबंदी का पैंतरा आजमाया जा सकता है। इस बीच वोटर सवाल उठा रहे हैं कि वोट देकर तो वे प्रत्याशियों को चुन रहे हैं। प्रत्याशी वोट पाने के बाद अंतरध्यान क्यों हो रहे हैं? प्रत्याशियों को अपने वोटरों की ज्यादा चिंता है या फिर अपनी पार्टी की। वे आदेश वोटरों का मानेंगे या पार्टी का। कई वोटर तो इसी बात को लेकर वोट डालने का फैसला करनें का भी मन बना चुके हैं। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि कल वोटर समय रहते वोट डाल आएं। यदि वोट डालने नहीं गए और कोई और उनका वोट डाल गया तो आजीवन मलाल रहेगा और अगर जान बूझकर वोट देने नहीं गए तो बाद में सवाल नहीं कर सकेंगे कि बिजली, सड़क पानी की व्यवस्थाएं उचित क्यों नहीं है। समय रहते वोट डालने का यह भी फायदा रहेगा कि प्रत्याशी समय रहते अपने—अपने बाड़ों में सुरक्षित पहुंच जाएं व उसके बाद पंचवर्षीय अल्प दर्शन और दर्शन दुर्लभ वाली अवस्था को प्राप्त कर लें। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जमीनी विवाद में दिनदहाड़े अपहरण की वारदात का सुखेर पुलिस ने किया खुलासा, चार महिलाओं समेत 6 गिरफ्तार; ईको कार जब्त जेवर-नकदी उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार, बड़गांव पुलिस ने 3 हजार किमी पीछा कर दबोचा, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा