-उदयपुर से मंदिर तक निशुल्क बस सेवा, दो दिन होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 24 News Update उदयपुर, 3 सितंबर। चिरवा-मोहनपुरा स्थित अरावली पर्वतमाला की चोटी पर बने इस्कॉन कोवे मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को इस बार विशेष रूप से मनाने की तैयारियां की जा रही हैं। अरावली की घाटियों से घिरे मंदिर परिसर को इस तरह सजाया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को वृंदावन और गोवर्धन जैसा आध्यात्मिक वातावरण महसूस हो। दो दिवसीय आयोजन के दौरान संकीर्तन, अभिषेक, झूला उत्सव, गोवर्धन परिक्रमा, महाभोग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और मध्यरात्रि महाआरती सहित कई कार्यक्रम होंगे। परियोजना निदेशक मदन गोविंद प्रभु ने बताया कि 4 सितंबर को शाम 5 बजे से वृंदावन और गुरुग्राम से आए मधुमंगल प्रभु एवं असित प्रभु के श्रीमुख से हरिनाम संकीर्तन और जन्मोत्सव कथा होगी। इसके बाद श्रीश्री राधाबिहारी जी का पंचामृत एवं पुष्प अभिषेक किया जाएगा। युगल सरकार के विशेष झूला उत्सव के साथ मंदिर परिसर में स्थित गोवर्धन की परिक्रमा होगी। भक्तों द्वारा तैयार किए गए 1008 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग भगवान को अर्पित किया जाएगा। महोत्सव में रविवारीय विद्यालय के बच्चे श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित नाटक और नृत्य की प्रस्तुति देंगे। युवा कीर्तन बैंड गौरांगस बैंड विशेष आकर्षण रहेगा, जिसके सदस्य हरिनाम संकीर्तन से पूरे पर्वत क्षेत्र को गुंजायमान करेंगे। मध्यरात्रि में महाआरती होगी और श्रद्धालुओं के लिए विशाल प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। शहर के दो मार्गों से चलेगी निशुल्क बसश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शाम 4 बजे से उदयपुर शहर और हिरणमगरी क्षेत्र से मंदिर तक निशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। पहली बस उदयपोल, सूरजपोल, दिल्ली गेट, चेटक, सुखाडिया सर्कल, भुवाणा और सुखेर होते हुए मंदिर पहुंचेगी। दूसरी बस हिरणमगरी सेक्टर 3, 4, 5, 6 व 11, प्रतापनगर, न्यू आरटीओ रोड, भुवाणा सर्कल और सुखेर होकर इस्कॉन कोवे मंदिर जाएगी। आयोजन के बाद बसें इसी मार्ग से श्रद्धालुओं को वापस शहर तक पहुंचाएंगी। निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ी के नीचे मुख्य मार्ग पर लाभगढ़ पैलेस रिसोर्ट में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। वहां से मंदिर तक छोटी गाड़ियों के माध्यम से आवागमन के लिए पिक-अप और ड्रॉप सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। मुख्य मार्ग से मंदिर तक पहाड़ियों पर विशेष स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे पूरा रास्ता रोशनी से जगमगाएगा। मंदिर तक पक्की डामर सड़क होने के कारण निजी वाहन सीधे मंदिर परिसर तक भी पहुंच सकेंगे। 5 सितंबर को नंदोत्सव के साथ इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद की व्यास पूजा होगी। इस अवसर पर पंचामृत एवं पुष्प अभिषेक भी किया जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्री सनातन धर्म मंदिर में 4 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्माटोत्सव, विविध प्रतियोगिताओं के साथ रहेगा विशेष आकर्षण माकपा प्रत्याशियों ने तीन वार्डों में किया जनसंपर्क, समर्थन जुटाने में झोंकी ताकत