चारों आरोपी डिटेन; चिरवा टनल के पास लघुशंका के बहाने भाग रहे थे बदमाश, पीछा करते समय कांस्टेबल फिरोज की नाक भी फ्रैक्चर उदयपुर, 4 सितम्बर। अंबामाता थाना क्षेत्र के मल्लातलाई में रात के अंधेरे में हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले बदमाशों की सुबह पुलिस से मुठभेड़ तो नहीं हुई, लेकिन गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में तीन बदमाशों की टांगें जरूर टूट गईं। पुलिस के अनुसार डिटेन किए गए बदमाशों ने चिरवा टनल के पास लघुशंका का बहाना बनाकर भागने की कोशिश की। भागते समय तीन आरोपी अपना संतुलन खो बैठे और गड्ढे में जा गिरे। तीनों के पैरों में गंभीर चोट और फ्रैक्चर होने पर उन्हें एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान बदमाशों को पकड़ने की कोशिश में पुलिस कांस्टेबल फिरोज खान की नाक में भी गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया। इससे पहले भी पुलिस की दबिश देखकर एक नाबालिग आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए जींस-टीशर्ट के ऊपर जनाना कपड़े पहनकर छिपने का प्रयास किया। अंबामाता थाना क्षेत्र में 4 सितम्बर की रात करीब 1:17 बजे हुई फायरिंग की घटना के बाद उदयपुर पुलिस ने महज 12 घंटे से भी कम समय में चारों आरोपियों को डिटेन कर लिया। पुलिस के अनुसार पुरानी रंजिश को लेकर बाइक सवार बदमाशों ने मल्लातलाई की गरीब नवाज कॉलोनी में दो मकानों के बाहर शराब और बीयर की बोतलें फेंकीं तथा अवैध हथियार से हवाई फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाने का प्रयास किया था। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने आधुनिक पुलिसिंग, सीसीटीवी फुटेज, ह्यूमन इंटेलिजेंस और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान की और अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर उन्हें डिटेन किया। एक आरोपी डबोक से जबकि तीन आरोपियों को भीलवाड़ा के छपरी गांव से घेराबंदी कर पकड़ा गया। रात 1:17 बजे फायरिंग, सुबह तक पुलिस ने बिछा दिया जाल मामले में 4 सितम्बर को मोहम्मद आरिफ उम्र 30 वर्ष और अरबाज खान उम्र 24 वर्ष, दोनों निवासी गरीब नवाज कॉलोनी, मल्लातलाई ने अंबामाता थाने में रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के अनुसार रात करीब 1:17 बजे बाइक सवार बदमाश उनके मकान के बाहर पहुंचे। उन्होंने शराब की बोतल फेंकी और मुख्य गेट पर अवैध हथियार से हवाई फायरिंग की। इसी दौरान आरोपियों के अन्य साथियों ने अरबाज खान के घर के बाहर बीयर की बोतलें फोड़कर हवाई फायरिंग की। अचानक हुई फायरिंग और बोतलें फोड़ने की घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते जान से मारने की नीयत से यह वारदात की। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने उदयपुर रेंज में तत्काल ए-कैटेगरी की सख्त नाकाबंदी के निर्देश दिए। इसके साथ ही अलग-अलग पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया। सीसीटीवी से लेकर साइबर सेल तक, कुछ घंटों में लोकेशन ट्रेस पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ह्यूमन इंटेलिजेंस और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस के अनुसार कुछ ही घंटों में संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस हो गई। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को डबोक में घेराबंदी कर डिटेन किया, जबकि तीन अन्य आरोपियों के भीलवाड़ा में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने भीलवाड़ा के छपरी गांव में अचानक दबिश देकर तीनों को पकड़ लिया। पुलिस पहुंची तो बदमाशों के हौसले पस्त, नाबालिग ने पहन लिए जनाना कपड़े पुलिस के अनुसार भीलवाड़ा के छपरी गांव में दबिश के दौरान आरोपियों ने पुलिस से बचने का प्रयास किया। पुलिस की अचानक कार्रवाई से घबराए आरोपियों में से एक नाबालिग ने पहचान छिपाने के लिए अपने जींस-टीशर्ट के ऊपर जनाना कपड़े पहन लिए और छिपने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि दबिश के दौरान आरोपी घबरा गए और गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को चकमा देने की कोशिश करने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को डिटेन कर लिया। लघुशंका का बहाना बनाया, भागे तो गड्ढे ने पकड़ लिया पुलिस के अनुसार डिटेन किए गए आरोपियों को उदयपुर लाया जा रहा था। इसी दौरान चिरवा टनल के पास आरोपियों ने लघुशंका के बहाने पुलिस से दूर जाने और भागने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक भागते समय तीन आरोपी अपना संतुलन खो बैठे और एक गड्ढे में जा गिरे। गिरने से तीनों के पैरों में गंभीर चोटें आईं और फ्रैक्चर हो गया। पुलिस ने तत्काल तीनों को उपचार के लिए एमबी अस्पताल में भर्ती कराया। बदमाशों को पकड़ने के दौरान पुलिस टीम के कांस्टेबल फिरोज खान की नाक पर भी गंभीर चोट लगी, जिससे फ्रैक्चर हुआ। यानी गिरफ्तारी से बचने के लिए दौड़ शुरू करने वाले तीन आरोपियों की दौड़ अस्पताल में जाकर थमी। चारों डिटेन, एक नाबालिग भी शामिल पुलिस ने मामले में जिन चार आरोपियों को डिटेन किया है, उनमें तीन बालिग और एक नाबालिग है। 1. इस्माईल उर्फ मनू उर्फ बड़ा मेवाती, पुत्र स्व. मोहम्मद जमील मेवाती, उम्र 27 वर्ष, निवासी धोली मगरी, मस्तान बाबा के पास, थाना अंबामाता, उदयपुर। 2. समीर मेवाती उर्फ बिट्टू, पुत्र मोहम्मद हनीफ, उम्र 23 वर्ष, निवासी धोली मगरी, मस्तान बाबा के पास, थाना अंबामाता, उदयपुर। 3. ताज मोहम्मद उर्फ शेरा, पुत्र मोहम्मद फयाज, उम्र 21 वर्ष, निवासी गरीब नवाज कॉलोनी, मनसुरी नोहरे के पास, थाना अंबामाता, उदयपुर। 4. एक नाबालिग आरोपी। नाबालिग होने के कारण उसका नाम और पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। तीन महीने पुरानी रंजिश बनी फायरिंग की वजह पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और जांच में फायरिंग के पीछे करीब तीन महीने पुरानी रंजिश सामने आई है। पुलिस के अनुसार करीब तीन महीने पहले अरबाज खान पिस्तौल लेकर मुख्य आरोपी मोहम्मद इस्माइल उर्फ बड़ा मेवाती के घर उसे धमकाने के लिए गया था। उस समय अंबामाता पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अरबाज खान के कब्जे से अवैध पिस्तौल बरामद की थी और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार इसी घटना का बदला लेने के लिए बड़ा मेवाती पिछले कई दिनों से मौके की तलाश में था। दूसरी तरफ अरबाज खान को भी रंजिश का अंदेशा था। इसी कारण वह अपनी सुरक्षा के लिए मोहम्मद आरिफ को अपने साथ बॉडीगार्ड के रूप में रखता था। मोहम्मद आरिफ जिम में सप्लीमेंट और प्रोटीन बेचने का काम करता है। पुलिस के अनुसार उसका शरीर भारी-भरकम और बाउंसर जैसा है। इसी वजह से उसे डराने और अरबाज खान से पुरानी रंजिश का बदला लेने के इरादे से फायरिंग की गई। एसपी ने कहा- गुंडागर्दी और अवैध हथियारों का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने कहा कि उदयपुर जिले की शांत फिजा में गुंडागर्दी, अवैध हथियारों का प्रदर्शन और इस तरह की कायराना फायरिंग करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों को पनाह देने या उनकी मदद करने वालों के खिलाफ भी पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। इन टीमों ने संभाला पूरा ऑपरेशन कार्रवाई में वृताधिकारी नगर पश्चिम राजेश यादव, अंबामाता थानाधिकारी हुकम सिंह और डीएसटी प्रभारी पुलिस निरीक्षक भरत योगी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने काम किया। टीम में उप निरीक्षक अजयराज सिंह, सहायक उप निरीक्षक योगेश कुमार, विक्रम सिंह और अखिलेश्वर कुमार, हेड कांस्टेबल हितेंद्र सिंह, कमलेश कुमार और भरत सिंह शामिल रहे। इसके अलावा कांस्टेबल नन्दकिशोर 1818, करतार सिंह 1198, जगदीश 2745, ब्रजकुमार 3392, फिरोज खान 1389, शक्ति सिंह 2534, सुमित यादव 1445, मुकेश कुमार, वीरेंद्र साहू और कृष्ण कुमार 2587 ने भी कार्रवाई में भूमिका निभाई। पुलिस की इस कार्रवाई में घटना के महज कुछ घंटों के भीतर चारों संदिग्धों को डिटेन किया गया। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, वारदात में शामिल अन्य लोगों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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