24 News Update उदयपुर। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी, तेज लू और तपती दोपहरी के बीच छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया है। संगठन ने दो पारी में संचालित विद्यालयों के समय में तत्काल बदलाव की मांग करते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर को विस्तृत ज्ञापन भेजा है। भीषण गर्मी में बच्चों पर संकटसंघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रदेश में इस समय गर्मी अपने चरम पर है। तेज “लू” के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित है, लेकिन इसके बावजूद नन्हे-मुन्ने बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी में विद्यालय जाना पड़ रहा है। खासकर 3 से 10 वर्ष तक के बच्चों के लिए यह स्थिति स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यंत चिंताजनक है। दो पारी व्यवस्था बनी परेशानी की जड़प्रदेश अध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश के कई विद्यालयों में भवन और कक्षा-कक्षों की भारी कमी है। पिछले वर्ष बारिश में कई जर्जर भवन क्षतिग्रस्त होकर हटाए गए, जिससे कक्षाओं का संकट और बढ़ गया। अधिक नामांकन के चलते विभाग ने कई स्कूलों में दो पारी (शिफ्ट) में पढ़ाई शुरू करवाई है— प्रथम पारी: सुबह 7:00 बजे से 12:30 बजे तकद्वितीय पारी: दोपहर 12:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक विभागीय व्यवस्था के अनुसार प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक कक्षाओं को द्वितीय पारी में संचालित किया जा रहा है, जिससे छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा गर्मी झेलनी पड़ रही है। बाल वाटिका के बच्चे भी प्रभावितसंघ ने बताया कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय और पीएम श्री विद्यालय में बाल वाटिका का संचालन भी हो रहा है, जहां 3 वर्ष तक के छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं। इन बच्चों का दोपहर की भीषण गर्मी में विद्यालय जाना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उदयपुर सहित प्रदेश के उदाहरणसंघ ने अपने ज्ञापन में उदयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के ऐसे विद्यालयों का विवरण भी दिया, जहां द्वितीय पारी में छोटे बच्चों की बड़ी संख्या पढ़ाई कर रही है— MGGS पहाड़ा (उदयपुर शहर) – 195 विद्यार्थीसिंधी भाषाई विद्यालय, प्रतापनगर (उदयपुर) – 92 विद्यार्थीMGGS राउमावि पडूना – नर्सरी से कक्षा 6 तक 398 विद्यार्थीराउमावि बड़ी उन्दरी, गिर्वा – कक्षा 1 से 6 तक 295 विद्यार्थीराजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नागानगरी – 50 विद्यार्थीमहात्मा गांधी विद्यालय पई, गिर्वा – नर्सरी से कक्षा 8 तक 326 विद्यार्थीदरबार सेठ चंपालाल बोहरा राउमावि, रायपुर (ब्यावर) – 275 विद्यार्थीराजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आसोप (जोधपुर) – 265 विद्यार्थी🏛️ सरकार के निर्देश, लेकिन अधूरी राहत संघ ने यह भी उल्लेख किया कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश (क्रमांक: शिविरा/माध्य/मा-स/शीतलहर/लू/2013-25/71) के तहत जिला कलेक्टरों को 16 मई 2026 तक स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विद्यालय समय में परिवर्तन या अवकाश घोषित करने के अधिकार दिए गए हैं। हालांकि, प्रदेश महामंत्री गोपाल मीणा के अनुसार कई जिलों में कलेक्टरों ने समय परिवर्तन कर राहत दी है, लेकिन दो पारी में संचालित विद्यालयों के लिए अब तक कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। संघ की प्रमुख मांगें शिक्षक संघ ने ज्ञापन में निम्न मांगें रखी हैं—दो पारी में संचालित विद्यालयों को एकल (प्रातःकालीन) पारी में संचालित किया जाएजिन जिलों में अभी तक समय परिवर्तन नहीं हुआ है, वहां तत्काल आदेश जारी किए जाएंछोटे बच्चों (बाल वाटिका व प्राथमिक कक्षाएं) को दोपहर की पारी से मुक्त किया जाए “द्वितीय पारी वाले स्कूलों को विभाग भूल गया”संघ ने आरोप लगाया कि जहां एकल पारी वाले विद्यालयों के समय में कटौती कर राहत दी जा रही है, वहीं दो पारी वाले विद्यालयों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है, जिससे हजारों बच्चों को भीषण गर्मी में पढ़ाई के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ऑनलाइन धोखाधड़ी कर राशि खाते में मंगवाने का मामला दर्ज जावर माता मंदिर चोरी और हनुमान मंदिर तोड़फोड़ पर विहिप का विरोध, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज