बप्पा रावल पैनोरमा का अवलोकन कर बोले- मेवाड़ के इतिहास का आइना है पैनोरमा, समाधि पर अर्पित की पुष्पांजलि उदयपुर, 23 अगस्त। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े रविवार को उदयपुर प्रवास के दौरान कैलाशपुरी पहुंचे और भगवान एकलिंगनाथ के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रावण मास के अवसर पर उन्होंने भगवान एकलिंगनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद राज्यपाल ने समीपवर्ती मठाठा गांव स्थित मेवाड़ के संस्थापक बप्पा रावल के पैनोरमा का भ्रमण किया। यहां उन्होंने मेवाड़ के इतिहास, शौर्य, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जुड़े प्रसंगों की जानकारी ली। राज्यपाल रविवार सुबह करीब 10.45 बजे कैलाशपुरी पहुंचे। उनके पहुंचने पर एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, एएसपी उमेश ओझा, कार्यपालक मजिस्ट्रेट हितेष त्रिवेदी तथा मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने एकलिंगनाथ मंदिर में भगवान के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्हें ऐतिहासिक एकलिंगनाथ मंदिर की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के बारे में भी जानकारी दी गई। एकलिंगनाथ मंदिर में दर्शन के बाद राज्यपाल मठाठा गांव पहुंचे। यहां बप्पा रावल पैनोरमा परिसर में मेवाड़ के संस्थापक बप्पा रावल की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्होंने नमन किया। प्राकृतिक परिवेश में तैयार किए गए पैनोरमा में बप्पा रावल के जीवन, व्यक्तित्व, कृतित्व, सैन्य अभियानों, नेतृत्व क्षमता और शासन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। राज्यपाल ने पैनोरमा में प्रदर्शित विभिन्न ऐतिहासिक प्रसंगों को रुचि के साथ देखा और मेवाड़ के इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान उन्होंने मेवाड़ के शौर्य, वीरता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जाना। बप्पा रावल के जीवन तथा मेवाड़ की स्थापना से जुड़े प्रसंगों के प्रभावी चित्रण की भी उन्होंने सराहना की। पैनोरमा के अवलोकन के दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि “यह पैनोरमा मेवाड़ के इतिहास का आइना है।” उन्होंने बप्पा रावल के व्यक्तित्व और कृतित्व को प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय बताते हुए कहा कि उनका शौर्य, नेतृत्व और मेवाड़ के लिए किया गया योगदान इतिहास में विशिष्ट स्थान रखता है। राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार के पैनोरमा नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे प्रयासों से युवा पीढ़ी अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकती है। पैनोरमा के समीप स्थित बप्पा रावल की समाधि पर भी राज्यपाल पहुंचे। उन्होंने समाधि पर श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की और मेवाड़ के संस्थापक बप्पा रावल के योगदान को स्मरण किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर में 40 दिवसीय भगवान झूलेलाल चालीहा महोत्सव की भव्य शुरुआत: 56 भोग और आरती में उमड़े श्रद्धालु प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा पर विश्व स्तर पर शोध की जरूरत : राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े