24 News update उत्तर प्रदेश। राजस्थान की देवस्थान व्यवस्था को आधार बनाते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग उठी है। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के पूर्व कुलपति प्रो. अमरीक सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे के प्रबंधन, पुजारियों की नियुक्ति और मंदिरों की व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव दिए हैं।प्रो. सिंह ने अपने पत्र में कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किया जाने वाला चढ़ावा भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। ऐसे में यह जरूरी है कि इस राशि का उपयोग पारदर्शी तरीके से धार्मिक और लोककल्याणकारी कार्यों में किया जाए।उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर चढ़ावे की राशि को लेकर विवाद और मंदिरों पर नियंत्रण के लिए संघर्ष की स्थिति सामने आती है। इसलिए ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है जिसमें मंदिरों की आय का स्पष्ट हिसाब-किताब हो और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।प्रो. अमरीक सिंह ने राजस्थान की देवस्थान व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थल जैसे सांवरिया सेठ मंदिर, बालाजी मंदिर, खाटूश्याम मंदिर और श्रीनाथ मंदिर सहित कई मंदिरों में चढ़ावे की व्यवस्था सरकारी निगरानी और निर्धारित प्रणाली के अनुसार संचालित होती है। उन्होंने कहा कि वहां आय-व्यय का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है।उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर को मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय के माध्यम से सरकार द्वारा लगभग 60 पुजारियों की नियुक्ति कराई गई थी। उन्होंने स्वयं कई मंदिरों की व्यवस्थाओं को देखा और इसे प्रभावी व्यवस्था बताया।पत्र में उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी एक देवस्थान बोर्ड गठित करने का सुझाव दिया है। इसके तहत प्रमुख मंदिरों के चढ़ावे का पारदर्शी लेखा-जोखा रखने, मंदिरों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और आय का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा तथा धार्मिक स्थलों के विकास में करने की बात कही गई है।उन्होंने पुजारियों की नियुक्ति के लिए भी योग्यता आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का सुझाव दिया है, ताकि मंदिरों में नियुक्तियों को लेकर विवाद और मनमानी की स्थिति खत्म हो सके।प्रो. सिंह ने पत्र में कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर जैसी व्यवस्थाओं को छोड़कर उत्तर प्रदेश के अनेक मंदिरों में चढ़ावे के उपयोग को लेकर पारदर्शिता की जरूरत महसूस होती है। उन्होंने हाल में राम जन्मभूमि से जुड़ी चढ़ावे की चोरी की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्रभावित करती हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि यदि किसी राज्य में धार्मिक स्थलों के प्रबंधन की अच्छी व्यवस्था लागू है तो उसका अनुकरण करने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान देवस्थान विभाग की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी चढ़ावा प्रबंधन, पुजारी नियुक्ति और वित्तीय पारदर्शिता की व्यवस्था लागू होने से मंदिरों की पवित्रता और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation महाराष्ट्र में उद्धव गुट को झटका, शिवसेना (शिंदे) में शामिल हुए 6 सांसद; लोकसभा में संख्या 13 हुई मानसून 12 दिन की देरी से मुंबई पहुंचा, झमाझम बारिश शुरू; इसी हफ्ते एमपी-यूपी में दस्तक की संभावना, दिल्ली में धूलभरी आंधी से दिन में छाया अंधेरा, कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट