उदयपुर, 4 अक्टूबर। राजस्थान कृषि महाविद्यालय के खेल मैदान में चल रहे सांसद स्वदेशी इंडस्ट्रियल एक्सपो-2026 का तीसरा दिन रविवार को कारोबार और खरीदारी—दोनों के नाम रहा। छुट्टी के दिन सुबह से ही एक्सपो में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी और शाम तक तीनों डोम दर्शकों से खचाखच भर गए। खास बात यह रही कि एक्सपो में सिर्फ उत्पाद देखने और खरीदारी करने वालों की भीड़ नहीं थी, बल्कि दो डोम में उद्योगपति, कारोबारी और निवेशक संभावित कारोबारी साझेदारी को लेकर बातचीत करते नजर आए। कई स्टॉल पर ऑर्डर की चर्चा हुई तो कहीं आगे की व्यावसायिक बैठकें तय हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के विजन से जुड़े इस चार दिवसीय आयोजन में उदयपुर और मेवाड़ की औद्योगिक क्षमता से लेकर स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि तकनीक, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, सोलर, इलेक्ट्रिक और बिल्डिंग मटेरियल तक की पूरी तस्वीर एक ही परिसर में देखने को मिल रही है। दो डोम कारोबारियों के लिए, तीसरा ग्राहकों के लिए एक्सपो में बनाए गए तीनों डोम को अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। महाराणा कुंभा डोम और भामाशाह डोम में B2B गतिविधियां केंद्र में हैं। यहां कारोबारी दूसरे कारोबारियों से जुड़ रहे हैं, उत्पादों की तकनीकी जानकारी ले रहे हैं और नए बाजारों की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसके विपरीत अहिल्याबाई होल्कर डोम में B2C गतिविधियां जोर पर हैं। घरेलू उपयोग की वस्तुओं, हस्तशिल्प और विभिन्न उपभोक्ता उत्पादों की स्टॉल पर रविवार को ग्राहकों की भीड़ रही। लोग उत्पाद देख भी रहे थे और पसंद आने पर खरीदारी भी कर रहे थे। जिस सामान को बाहर का ब्रांड समझते थे, वह उदयपुर में बन रहा एक्सपो का एक बड़ा आकर्षण यह भी रहा कि शहर के लोगों को स्थानीय उद्योगों की उस क्षमता का पता चला, जिसकी जानकारी आम तौर पर बाजार में खरीदारी करते समय नहीं मिलती। प्लास्टिक को अलग-अलग आकार देने वाली अत्याधुनिक मशीनरी और इंडस्ट्री से लेकर तांबे के बर्तनों पर चांदी की टिकाऊ कोटिंग, वेल्डिंग मशीनों और अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले एयर कम्प्रेशर तक का उत्पादन उदयपुर में हो रहा है। हेल्थकेयर से जुड़े ऐसे उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें आम उपभोक्ता बाहरी कंपनियों के उत्पाद मानता रहा है, लेकिन उनका निर्माण उदयपुर में ही हो रहा है। यही वजह रही कि औद्योगिक डोम में आने वाले कई आगंतुक उत्पाद देखने के साथ यह भी जानने में रुचि लेते रहे कि स्थानीय कंपनियां किन क्षेत्रों में काम कर रही हैं और उनके साथ कारोबारी जुड़ाव कैसे किया जा सकता है। हस्तशिल्प की सादगी से लेकर बड़े उद्योगों की तकनीक तक एक्सपो में मेवाड़ की अर्थव्यवस्था के कई रंग एक साथ नजर आ रहे हैं। एक तरफ घुमंतू समाज के पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग हैं तो दूसरी ओर हिंदुस्तान जिंक, मिराज ग्रुप, पेस्टीसाइड इंडिया, लिब्रा, सिक्योर मीटर्स और वोलकेम ग्रुप जैसे औद्योगिक समूह अपनी तकनीकी क्षमता प्रदर्शित कर रहे हैं। ऑटोमोबाइल, आयुष, हेल्थकेयर, बिल्डिंग मटेरियल, फर्नीचर, ऑर्गेनिक फूड, सोलर, इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल क्षेत्र से जुड़े उत्पाद भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। वहीं महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) की स्टॉल पर कृषि क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोग और तकनीकें किसानों तथा युवाओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। किसानों को मशीनों का लाइव डेमो एमपीयूएटी के स्टॉल नंबर 202 पर सीटीएई की अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना—फसल कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के तहत विकसित मशीनरी प्रदर्शित की गई। परियोजना प्रभारी डॉ. दीपक राजपुरोहित ने लहसुन बल्ब ब्रेकर और एलोवेरा जूस एक्सट्रैक्टर मशीन का लाइव डेमो दिया। उन्होंने बताया कि किसान यदि केवल उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय फसल के प्रसंस्करण और उसके बाद मूल्य संवर्धन पर काम करें तो आय बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं हैं। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और एमपीयूएटी कुलगुरु प्रो. प्रताप सिंह ने भी स्टॉल का अवलोकन किया। पार्किंग से एक्सपो तक महिला ई-रिक्शा चालक संभाल रहीं मोर्चा एक्सपो में आने वाले लोगों के लिए फतेह स्कूल मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहां से एक्सपो स्थल तक आने-जाने के लिए ‘पिंक परी क्लब’ की महिला ई-रिक्शा चालक नि:शुल्क सेवा दे रही हैं। आयोजन में शामिल यह पहल भी आगंतुकों के बीच चर्चा का विषय रही। रविवार को कला और सामाजिक जागरूकता से जुड़ा कार्यक्रम भी हुआ। ‘अर्बन स्केचर’ समूह के कलाकारों ने लाइव पेंटिंग के जरिए सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों को कैनवास पर उतारा। युवाओं ने इसमें खास रुचि दिखाई। कारोबारियों ने बताया मेवाड़ की आर्थिक ताकत दिखाने वाला मंच रविवार को शहर के विभिन्न व्यापारिक, औद्योगिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक्सपो का दौरा किया। मिराज ग्रुप के कार्यकारी अधिकारी प्रमोद पालीवाल सहित प्रतिनिधिमंडल, कृषि उपज मंडी एसोसिएशन, बड़ा बाजार एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, गौतम बिजनेस ग्रुप और गौतमी क्लब के पदाधिकारियों ने विभिन्न स्टॉल देखीं। आयोजकों के अनुसार एक्सपो का उद्देश्य केवल उत्पाद प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि स्थानीय उद्योगों को नए खरीदार, कारोबारी साझेदार और बाजार उपलब्ध कराना भी है। स्वास्थ्य जांच भी नि:शुल्क एक्सपो में व्यापार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी जोड़ा गया है। रविवार को सेवा भारती के शिविर में 75 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। यहां बीपी, ब्लड शुगर, बॉडी फैट एनालिसिस और बीएमआई की नि:शुल्क जांच की गई। सेवा भारती चिकित्सालय के आगामी आवासीय शिविर की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा अनंता हॉस्पिटल की ओर से भी कई स्वास्थ्य जांच नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। विरासत और विकास पर मंथन, शाम को समापन चार दिवसीय एक्सपो का समापन सोमवार शाम 5 बजे होगा। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री एवं उदयपुर के प्रभारी मंत्री हेमंत मीणा मुख्य अतिथि होंगे। एमपीयूएटी के कुलगुरु प्रो. प्रताप सिंह, पायरोटेक ग्रुप के चेयरमैन प्रताप सिंह तलेसरा, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, उपमहापौर दिनेश भट्ट और भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली विशिष्ट अतिथि रहेंगे। समापन से पहले सोमवार दोपहर 12 बजे वर्ल्ड आर्किटेक्चर डे के अवसर पर ‘विरासत भी—विकास भी’ विषय पर विशेष संवाद होगा। NEXKNOS निर्माण एक्सपो एसोसिएशन के सहयोग से होने वाले इस सत्र में आर्किटेक्ट, इंजीनियर, इंटीरियर डिजाइनर, बिल्डर और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र के विशेषज्ञ उदयपुर के भविष्य के विकास पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी करेंगे। चर्चा का केंद्र उदयपुर की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए शहर के भविष्य के नियोजित विकास की दिशा तय करना रहेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like 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