उदयपुर, 6 नवंबर। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से कर्मचारियों की लंबित वित्तीय देयताओं के भुगतान को लेकर किए गए निर्णयों पर आपत्ति जताई है। संघ का आरोप है कि उपार्जित अवकाश के नकदीकरण में वेतनमान के आधार पर सीमा तय कर कर्मचारियों के बीच भेदभाव किया जा रहा है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेन्द्र ओझा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने कहा कि कर्मचारियों के आक्रोश और काली दीपावली मनाने के आह्वान के बाद महासंघ के साथ हुई वार्ता में वित्त विभाग ने जो निर्णय किए हैं, वे सभी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं करते। उनका कहना है कि एक ही सरकार के कर्मचारियों के साथ वेतनमान के आधार पर अलग-अलग व्यवहार उचित नहीं है। सरकार को सभी पात्र कर्मचारियों को समान राहत देनी चाहिए।जिला अध्यक्ष प्रथम कमलेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लाखों कर्मचारियों ने समर्पित उपार्जित अवकाश के भुगतान के लिए नियमानुसार आवेदन किए हैं, लेकिन वित्त विभाग ने पे-लेवल 11 (ग्रेड पे 4200) तक के कर्मचारियों के बिलों की राशि जारी करने पर ही सहमति दी है। इससे उच्च वेतनमान वाले कर्मचारी भुगतान से वंचित रह सकते हैं। संघ ने सभी पात्र कर्मचारियों को बिना किसी वेतनमान संबंधी भेदभाव के पूरी राशि देने की मांग की। ज्ञापन में राज्य बीमा (SI) और सामान्य भविष्य निधि (GPF) के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि ये कर्मचारियों की अपनी जमा पूंजी है। शादी-विवाह, मकान निर्माण और पारिवारिक जरूरतों के लिए ऋण एवं आहरण के स्वीकृत प्रकरणों का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। संघ ने लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करने की मांग की। शिक्षक संघ ने दीपावली बोनस की 25 प्रतिशत राशि सामान्य भविष्य निधि में जमा कराने की व्यवस्था पर भी पुनर्विचार करने को कहा। संघ का तर्क है कि अधिकतम 6774 रुपए के सीमित बोनस में से राशि जीपीएफ में जमा होने से कर्मचारियों को त्योहार पर मिलने वाली तत्काल आर्थिक राहत और कम हो जाती है। इसलिए बोनस की पूरी राशि नकद देने की मांग की गई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित सेवा परिलाभों को लेकर भी संघ ने चिंता जताई। पदाधिकारियों के अनुसार, कई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के छह से आठ महीने बाद भी राज्य बीमा, जीपीएफ, ग्रेच्युटी और अवकाश नगदीकरण की राशि के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। संघ ने ऐसे सभी प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण कर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान सतीश जैन, भैरूलाल कलाल, प्रेम सिंह भाटी, मनोज मोची, हितेन्द्र दवे, सुनील माखीजा, राजेश व्यास, रईस खान, प्रकाश जैन, अमृत कल्याण और धर्मेन्द्र पालीवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संघ ने सरकार से दीपावली से पहले सभी लंबित वित्तीय देयताओं का भुगतान कर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कार्मिकों को राहत देने की मांग की। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अलवर गुड्स शेड से बाजरा लदान की नई शुरुआत, उत्तर पश्चिम रेलवे को मिलेगा अतिरिक्त माल भाड़ा राजस्व आयड़ जैन तीर्थ में तीन दिवसीय विशेष प्रवचनमाला आज से, आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर भगवान महावीर की अंतिम देशना का करेंगे विवेचन