— हल्दीघाटी सार्द्ध चतु:शती समारोह के बाद श्रम परिहार कार्यक्रम में किया कार्यकर्ताओं का आह्वान 24 News Update उदयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि वर्तमान समय केवल परिस्थितियों का नहीं, बल्कि विचारों का भी युद्धकाल है। ऐसे दौर में प्रत्येक कार्यकर्ता को समाज में सकारात्मक विमर्श स्थापित करने वाले योद्धा के रूप में अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर राष्ट्र सशक्तीकरण के उद्देश्य से निर्धारित ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्प को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं का दायित्व है।वे प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के कुंभा सभागार में हल्दीघाटी सार्द्ध चतु:शती समारोह के बाद आयोजित श्रम परिहार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। निम्बाराम ने कहा कि संघ ने अपने शताब्दी वर्ष और अमृत काल को ध्यान में रखते हुए स्व-बोध, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक शिष्टाचार (कर्तव्यबोध) और कुटुम्ब प्रबोधन जैसे पांच प्रमुख विषयों को समाज जीवन में परिवर्तन के आधार के रूप में लिया है। इन विषयों को लेकर व्यापक जनजागरण और निरंतर सामाजिक सहभागिता से ही राष्ट्र निर्माण को गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी युद्ध विजय सार्द्ध चतु:शती समारोह का सफल आयोजन किसी अंतिम उपलब्धि का पड़ाव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के एक बड़े अभियान की शुरुआत है। इसकी वास्तविक सार्थकता तभी होगी जब समाज की सज्जन शक्तियों को साथ लेकर निरंतर जन-विमर्श को आगे बढ़ाया जाए।निम्बाराम ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को कमजोर करने के लिए समय-समय पर वैचारिक प्रयास होते रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रहित के विषयों पर समाज को जागरूक, संगठित और सक्रिय रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान संघर्ष वैचारिक है और हल्दीघाटी युद्ध विजय सार्द्ध चतु:शती समारोह ने राष्ट्रीय चेतना के एक महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में अपनी पहचान बनाई है।उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि समारोह के संदेशों को छोटे-छोटे और प्रभावी माध्यमों से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाए, ताकि यह विचार वर्षभर निरंतर गतिशील बना रहे। उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी वर्षभर प्रताप गौरव केन्द्र आने वाले दर्शनार्थियों को हल्दीघाटी की पवित्र मिट्टी का स्मृति पैकेट भेंट किया जाए, जिससे महाराणा प्रताप के त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंच सके। उन्होंने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के माध्यम से गांव-गांव में उपसमितियों के गठन का सुझाव दिया, ताकि महाराणा प्रताप के जीवन, आदर्शों और हल्दीघाटी युद्ध विजय के ऐतिहासिक महत्व पर निरंतर संवाद हो सके। कार्यक्रम में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, महामंत्री दीपक कुमार शुक्ल, समारोह संयोजक सीए महावीर चपलोत ने भी विचार व्यक्त किए। प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने आयोजन की व्यवस्थाओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं के अनुशासित प्रबंधन की प्रशंसा अतिथियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी की। कार्यक्रम के दौरान भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री स्व. विजय सिंह बाघेला को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation विज्ञान महाविद्यालय के नवनियुक्त अधिष्ठाता प्रो. एम.के. जैन का कर्मचारी संगठन ने किया सम्मान राजभाषा पत्रिका “बुद्धिदा” का विमोचन, नराकास उदयपुर की 46वीं छमाही बैठक सम्पन्न