24 News Update चित्तौड़गढ़। चित्तौड़—उदयपुर नेशनल हाईवे पर मंगलवार तड़के आस्था का सफर अचानक मातम में बदल गया। श्रद्धालुओं से खचाखच भरी एक निजी बस भादसोड़ा थाना क्षेत्र के बागुंड गांव के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बारां जिले के 32 वर्षीय रघुवीर मीणा की मौत हो गई, जबकि करीब 30 श्रद्धालु घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सुबह करीब 5:30 बजे हुआ यह हादसा इतना भयावह था कि बस की छत पर बैठे 20 से 25 यात्री सीधे नेशनल हाईवे की पक्की सड़क पर जा गिरे। कुछ पल के लिए हाईवे चीख-पुकार और अफरा-तफरी से भर उठा। गनीमत रही कि उसी समय पीछे से कोई तेज रफ्तार वाहन नहीं आ रहा था, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। भादसोड़ा थाना पुलिस के अनुसार ‘राजनंदिनी’ नाम की निजी बस श्रद्धालुओं को लेकर चित्तौड़गढ़ से प्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवलियाजी मंदिर दर्शन के लिए रवाना हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि बस सर्विस रोड पर चल रही थी, लेकिन बागुंड के पास चालक नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार बस अचानक मुख्य हाईवे की ओर बढ़ गई, जहां आगे रास्ता बंद था। इसके बाद बस ने डिवाइडर, बिजली के पोल और सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए मुख्य मार्ग पर पलटी खा ली। हादसे के तुरंत बाद राहगीरों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। भादसोड़ा पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर घायलों को बस से बाहर निकाला। घायलों को भादसोड़ा सीएचसी और सांवलियाजी मंडफिया अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल और उदयपुर रेफर किया गया है। मृतक रघुवीर मीणा बारां जिले की छबड़ा तहसील के नपनिया गांव के निवासी थे। बस में जयपुर, कोटा, जोधपुर, सवाई माधोपुर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालु भी सवार थे, जो सांवलियाजी दर्शन के लिए यात्रा कर रहे थे।हादसे के बाद पुलिस ने क्रेन बुलाकर पलटी बस को हाईवे से हटवाया। क्षतिग्रस्त बिजली पोल और रेलिंग को भी किनारे कर यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिना परमिट दौड़ रही थी बस, क्षमता से ज्यादा सवारियांप्रारंभिक जांच में परिवहन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त ‘राजनंदिनी’ बस बिना वैध परमिट के संचालित हो रही थी। बताया जा रहा है कि यह बस लंबे समय से चित्तौड़गढ़-सांवलियाजी रूट पर नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रही थी। बस में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया गया था, यहां तक कि कई श्रद्धालु छत पर भी बैठे हुए थे।हादसे के बाद नायब तहसीलदार शिवशंकर पारीक ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन अब परिवहन विभाग की भूमिका और बस संचालन में हुई लापरवाही की भी जांच कर रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मोबाइल ने घोला रिश्ते में जहर: पति-पत्नी ने खाया विषाक्त पदार्थ, कमरे में बेहोश मिले दोनों ऑडियो पर चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस का हल्लाबोल, मंत्री दक के इस्तीफे की मांग तेज, कहा—एडिटेड ऑडियो है तो जांच हो कि किसने कराया???