24 News Upadte नई दिल्ली, 1 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ को अर्थव्यवस्था के लिए उत्साहजनक उपलब्धि बताते हुए देशवासियों को बधाई दी। मंगलवार को जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक शक्ति का परिणाम है। उन्होंने देश की विकास गति को आगे भी बनाए रखने पर जोर दिया।प्रधानमंत्री ने लोगों से एक बार फिर गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सोने की आवश्यकता नहीं है तो उसे नहीं खरीदना चाहिए। इससे पहले 10 मई को भी प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सोने की खरीदारी कम करने की अपील की थी।विदेश यात्रा और विदेश में शादी से भी बचने की अपीलपीएम मोदी ने लोगों से विदेश में घूमने के लिए अनावश्यक यात्राएं करने और विदेश में शादी समारोह आयोजित करने से बचने का आग्रह किया। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि देश में जितना अधिक स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, भारत उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आज की युवा पीढ़ी के प्रयासों से भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक देश को विकसित भारत के रूप में आगे ले जाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। ‘झूठ की गूंज’ से माहौल बिगाड़ने की कोशिश का आरोपप्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कुछ लोग निराशा फैलाने और ‘झूठ की गूंज’ के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है और अब देश को इसी रफ्तार को बनाए रखते हुए विकास को और गति देनी होगी। सोने की खरीद कम करने पर क्यों दिया जोर?भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है। सोने का आयात बढ़ने पर देश से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। इसके लिए डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे रुपए पर दबाव पड़ सकता है। वहीं आयात कम होने पर डॉलर की मांग घटने से रुपए को मजबूती मिलने में मदद मिल सकती है।मजबूत रुपए का असर आयातित कच्चे तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की लागत पर भी पड़ सकता है। आयात सस्ता होने से महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। कम सोना खरीदा, फिर भी बढ़ा इम्पोर्ट बिलउपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में भारत ने पिछले कारोबारी वर्ष की तुलना में करीब 4.76 प्रतिशत कम सोना आयात किया, लेकिन सोने के आयात पर होने वाला खर्च करीब 24 प्रतिशत बढ़ गया। इसकी प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी रही। फिजिकल गोल्ड के बजाय ETF भी विकल्पनिवेशकों के लिए सोने में निवेश का एक विकल्प गोल्ड ETF भी है। इसमें सोने को आभूषण या सिक्के के रूप में रखने की जरूरत नहीं होती। ऐसे निवेश में फिजिकल गोल्ड की तरह चोरी या सुरक्षित रखने के लिए लॉकर जैसी परेशानियां नहीं होतीं। हालांकि किसी भी निवेश विकल्प को चुनने से पहले उसके जोखिम, लागत और अपनी निवेश जरूरतों को समझना जरूरी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: CJP आंदोलन से जुड़ी FIR रद्द, 2,873 लोगों पर अलग जांच जारी रहेगी PNB की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के नकली नोट! ऑडिट में खुलासा, तीन अफसर सस्पेंड; RBI की टीम पहुंची