24 न्यूज अपडेट, स्टेट डेस्क। जयपुर के प्रसिद्ध गलता पीठ तीर्थ के महंत अवधेशाचार्य की नियुक्ति को आज राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने अवधेशाचार्य व अन्य की अपीलों को निस्तारित करते हुए फैसला सुनाया है। अदालत ने पीठ को टेकओवर करके सन् 1943 की स्थिति बहाल करने के सरकार से निर्देश दिए हैं। गलता पीठ की अब तक बेची गई सभी संपत्तियों के बेचान को भी निरस्त कर दिया है। महंत अवधेशाचार्य, उनकी मां गायत्री देवी और अन्य ने देवस्थान आयुक्त के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। अदालत ने 22 फरवरी को सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने आज मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने कहा- गलता पीठ के अवधेशाचार्य स्वयंभू महंत बने हुए हैं। उनकी नियुक्ति पूरी तरह से अवैध है। जयपुर स्टेट ने उनके पिता रामोदाचार्य को महंत नियुक्ति किया था। उनके बाद महंत नियुक्त करने का अधिकार केवल राज्य सरकार के पास है। इसलिए अवधेशाचार्य की नियुक्ति पूरी तरह से अवैध है। अधिवक्ता उमाशंकर शर्मा ने बताया- साल 1939 तक गलता पीठ में कोई महंत नहीं था। उसके बाद जयपुर स्टेट ने प्रस्ताव पास करते हुए महंत के लिए आवेदन मांगे। उसके बाद रामोदाचार्य को गलता पीठ का महंत नियुक्त किया गया था। लेकिन उन्होंने पीठ के नियम के विरूद्ध 1963 में राजस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट में रजिस्टर्ड करवा लिया। बाद में ट्रस्ट के विधान में परिवर्तन करके उसे वंश परंपरा के तहत रजिस्टर्ड करा लिया। अपने वंशजो में गलता पीठ की प्रॉपर्टी को बांट दिया। बता दें कि गलत पीठ की प्रॉपर्टी व जयपुर, डीग, भरतपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में है। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक गए। सुप्रीम कोर्ट ने देवस्थान विभाग के अस्सिटेंट कमिश्नर को यह मामला सुनने के आदेश दिए। देवस्थान कमिश्नर ने हमारे पक्ष में फैसला दिया। इसके खिलाफ ये लोग हाईकोर्ट पहुंचे। गलता पीठ का विकास राम मंदिर और महाकाल मंदिर की तर्ज पर करने के लिए कहा गया। अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छापा ने बताया हाईकोर्ट ने सरकार को गलता पीठ व उससे जुड़ी संपत्तियों को टेकओवर करने के निर्देश दिए हैं। अरावली की पहाड़ियों के बीच गलताजी सतयुग के ऋषि गालव की तपोभूमि है। जहां उन्होंने करीब 60 हजार साल तक तपस्या की थी। यहीं पर करीब 400 साल पहले गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस का अयोध्या कांड लिखा था। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation प्रेम और त्याग का अतुलनिय उदाहरण है ‘‘आषाढ का एक दिन’’, धनाढ्य और पूंजीपतियों के आधिपत्य के चलते अपने माटी से उखडा कवि कालिदास, नाट्यांश के कलाकारों ने किया नाटक का भावपूर्ण मंचन योजनाओं में अधिकाधिक प्रगति सुनिश्चित करें, पौधारोपण महाअभियान को सफल बनाएं :जिला कलक्टरसाप्ताहिक समीक्षा बैठक लेकर कलक्टर ने दिए दिशा-निर्देश