24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर। इतिहास एवं सांस्कृतिक परम्पराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तीकरण से समाज में उन्नति संभव है। यह विचार भारत में क्षत्रियों के सबसे प्राचीन संगठन 1897 में स्थापित अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सम्मेलन में विशेष वक्ता के रूप में आमंत्रित एवं राजस्थान प्रदेश कार्यकारिणी की महिला शाखा की महामंत्री के रूप में नवनियुक्त उदयपुर की डॉ. रूचि सिंह शेखावत तंवर ने महासभा की जयपुर बैठक में रखे। 22-23 मार्च 2025 को जयपुर में होने वाले अखिल भारतीय महासभा के वार्षिक अधिवेशन के पूर्व में जयपुर में आयोजित विशेष बैठक में राष्ट्रीय संरक्षक गुलचेन सिंह चरक पूर्व मंत्री जम्मू कश्मीर, राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह रायबरेली उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सिंह जयसिंह राठौड़, कार्यकारी अध्यक्ष जगेन्द्रसिंह तंवर एवं राष्ट्रीय महामंत्री हरेन्द्रर सिंह राणा ने क्षत्रिय समाज के सम्मुख प्रस्तुत चुनौतियों एवं समाधान के लिए समाज के राजस्थान एवं समस्त देश से आए प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए महिलाओं की भागेदारी को बढ़ाने का आह्वान किया व उदयपुर की विख्यात पर्यटन विशेषज्ञ, बी. एन विश्वविद्यालय में पर्यटन और हॉटल मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. रूचि सिंह शेखावत तंवर को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, राजस्थान की महिला शाखा का महामंत्री नियुक्त किया।उक्त सभा में विशेष आमंत्रित वक्ता के रूप में डॉ. रूचि सिंह ने महावीर शक्ति के सशक्तीकरण समाज में लैंगिक भेदभाव को समाप्त करते हुए सभी के सर्वागीण विकास की बात करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया कि हम पुराने इतिहास और परम्पराओं को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को रोजगार एवं जीवन की समस्त चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाएं। औपनिवेशिक काल से अब तक पीढिय़ों से अपना सर्वस्व बलिदान करने वाला क्षत्रिय समाज नये आर्थिक एवं वैज्ञानिक प्रगति के रूप में अपनी गौरवमय पहचान पूर्ण स्थापित करने के लिए संघर्षशील है। वर्तमान युग में आवश्यक है कि हम शिक्षा स्वास्थ्य एवं समाज के समस्तजनों के सशक्तीकरण की दिशा में व्यावहारिक, कदम उठाते हुए धर्म राष्ट्र संस्कृति के रक्षा के साथ राष्ट्र की मूलधारा में अपना सहयोग दें, क्षत्रिय समाज को गौरवान्वित करें। राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतीय क्षेत्रिय महासभा हरेन्द्रसिंह राणा ने उपस्थित देश भर से आए प्रतिनिधियों से प्रगतिशील विचारों के साथ राष्ट्र के लिये क्षत्रिय परम्पराओं, त्याग एवं बलिदान एवं संस्कारों की पालना का आह्वान किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation शंकराचार्य भगवान के नेतृत्व में शीतकालीन चार धाम यात्रा अविस्मरणीय अनुभव — मेवाड़ धर्म प्रमुख रोहित गोपाल सीपीआर देकर थाम ली वृद्ध की सांसों की डोर, हमें नाज है जर्नलिस्ट दिनेशजी भट्ट आप पर