24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। हाई पावर नेता राजस्थान के कृषि मंत्री भाजपा के डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने मंत्री पद त्याग दिया है। उन्होंने आज इस्तीफे का ऐलान कर दिया। एक धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने एक चैनल से बातचीत के दौरान यह खुलासा किया। हालांकि कयास तो कई दिनों से लगाए जा रहे थे। मीणा ने कहा कि वे दो दिन से दिल्ली में थे। उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री ने बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। उनकी संगठन या मुख्यमंत्री से कोई नाराजगी नहीं है। डॉक्टर किरोड़ी ने लोकसभा चुनाव के दौरान मीडिया में बयान दिया था जो इस इस्तीफे की वजह बना है। उन्होंने कहा था कि उन्हें जिन सीटों की जिम्मेदारी मिली है अगर वो हारते हैं तो इस्तीफा दे देंगे। चुनाव होते ही गोविंदसिंह डोटासरा ने कह दिया कि किरोड़ी मीणा जो कहते हैं वो जरूरी करते हैं उनको पक्का विश्वास है। इसके बाद जब पत्रकारों ने पूछा तो मुंह पर उंगली रख कर निकल गए। दो तीन मौकों पर ऐसा लगा कि किरोड़ी अपनी बात से मुकर गए हैं लेकिन अब इस्तीफे की खबर ने सबको चौंका दिया है। अब चौंकाया है या चौका लगाया है यह तो अंदर की ही बात है क्योंकि कहीं न कहीं इसके पीछे राजनीतिक खिचडी अंदरखाने जरूर पक रही थी। नतीजों के बाद मीणा पर इस्तीफा देने का दबाव था। जब लोकसभा के नतीजे आए तो किरोडी मीणा ने लिखा- प्राण जाइ पर वचन न जाइ। रिजल्ट से पहले रुझानों में बीजपी को 11 सीटें हारते देख ही मीणा ने दोपहर में ही सोशल मीडिया पोस्ट करके इस्तीफे के संकेत दे दिए थे। अब किरोड़ीलाल मीणा का इस्तीफा अगर मंजूर हुआ तो पार्टी की परेशानी बढ़ सकती है। क्योंकि वे तेजतर्रार नेता हैं। उनका पार्टी में किसी महत्वपूर्ण पद पर नहीं रहना खतरनाक हो सकता है क्योंकि वे हमेशा जनता से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहते हैं। उनकी बेबाकी के कई पक्ष विपक्ष के नेता तक मुरीद हैं। सियासी ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो फिलहाल उनकी आक्रामकता को देखते हुए लगता नहीं है कि इस्तीफे की वापसी होगी। लोकसभा चुनावों में बीजेपी की हार के मुद्दे पर वे सरकार से बाहर आते हैं तो भाजपा उप चुनावों में असहज हो जाएगी। विपक्ष का एक और मुद्दा मिली जाएगा। वैसे भी सरकार पर ब्यूरोक्रेसी के सहारे आगे बढ़ने के आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि मीणा ने कुछ दिन पहले सीएम से मुलाकात की थी व उसी दौरान इस्तीफा दे दिया था। लेकिन विधानसभा के बजट सत्र में कद्दावर नेता की जरूतर अपरिहार्य होने से इस्तीफे को गोपनीय रख गया। अब इस्तीफा दिल्ली कूच कर चुका है, ऐसे में हाईकमान के स्तर पर ही इस पर फैसला होना तय है। इस बीचकृषि विभाग के इंजीनियरों के तबादलों को लेकर भी किरोड़ी और पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के बीच तनातनी हो गई थी। पंचायतीराज आयुक्त ने किरोड़ी के विभाग के तबादलों को गलत बताते हुए जॉइनिंग पर रोक लगा दी थी। जब किरोडी सामने आए तो फिर से आदेश निकालने पड़ गए। ऐसे में अंदरखाने कहा जा रहा है कि किरोड़ी मंत्रीपद पर अपनी भूमिका को लेकर भी नाखुश हैं व Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation महाराणा भुपाल चिकित्सालय उदयपुर से मोटर साईकिल चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तारआरोपी से 5 मोटर साईकिल व 2 स्कूटी बरामद फूलसिंह मीणा ने आज विधानसभा में प्रश्न संख्या 469 में जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल के बारे में ऐसा क्या पूछा कि पूरा सदन……..देखें पूरा वीडियो