24 News Update उदयपुर। हाथीपोल थाना पुलिस ने नकली सोने के जरिए सर्राफा व्यापारी से ठगी करने के बहुचर्चित मामले में सोमवार को मुख्य आरोपी तनिष्क शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए अपनी गर्लफ्रेंड से लगातार संपर्क में रहता था, लेकिन खुद मोबाइल सिम का इस्तेमाल नहीं करता था, जिससे उसे ट्रेस करना पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया। आखिरकार पहले आरोपी के पिता और उसके बाद गर्लफ्रेंड तक पहुंचने के बाद उसके जरिये पुलिस आरोपी तक पहुंच सकी। मामला 9 फरवरी 2026 का है। घंटाघर क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी नमन सोनी को एक युवक ने फोन कर संपर्क किया और सोने के ठोस (बिस्किटनुमा टुकड़े) बेचने की बात कही। आरोपी ने व्हाट्सएप पर सोने के ठोस का वजन भी बताया और लालच दिया कि वह ज्यादा वजन का सोना देगा, बदले में व्यापारी सोने की चेन लेकर आ जाए। झांसे में आए व्यापारी नमन सोनी आरोपी से मिलने पहुंचे और करीब 55 ग्राम वजनी सोने की चेन युवक को सौंप दी। बदले में मिले सोने के ठोस को जब व्यापारी ने दुकान पर जाकर जांचा तो वह नकली निकला। इसके बाद हाथीपोल थाने में मामला दर्ज कराया गया।जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले उन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने घटना में इस्तेमाल की गई सिम कार्ड खरीदी और उपलब्ध कराई थी। पूछताछ में दोनों ने बताया कि सिम उन्होंने भीलवाड़ा निवासी तनिष्क शर्मा को बेची थी। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी की तलाश शुरू की।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी तनिष्क शर्मा पिता मनोज सोमानी निवासी आजाद नगर, भीलवाड़ा बेहद शातिर तरीके से रह रहा था। वह खुद न तो मोबाइल फोन पर सामान्य कॉल करता था और न ही अपने नाम की सिम इस्तेमाल करता था। आरोपी सोशल मीडिया एप और व्हाट्सएप का उपयोग अलग-अलग माध्यमों से करता था और लगातार अपनी गर्लफ्रेंड के संपर्क में रहता था। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर पहले पिता और उसके बाद महिला मित्र तक पहुंच बनाई। इसके बाद आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों का सुराग मिला और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस के अनुसार आरोपी को पकड़ना आसान नहीं था, क्योंकि वह लगातार डिजिटल माध्यम बदलता रहता था और सिम कार्ड के बिना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल कर रहा था। साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।कार्रवाई में हाथीपोल थाना पुलिस के सहायक उप निरीक्षक लोकेश कुमार नागदा, कांस्टेबल कैलाश रेबारी, सहित साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की विशेष भूमिका रही। मामले की मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश ओझा और वृत्ताधिकारी डिप्टी राजेश यादव के निर्देशन में की गई। हाथीपोल थाने की एसएचओ श्रीमती राजूदेवी राज के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अपनों से अपनी बात” कार्यक्रम कल से शक्ति सिंह राणावत कारोही पुनः अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री मनोनीत