– लोकस्वरूप भावना समझाते हुए आचार्य ने बताया कर्मों का फल 24 News Update उदयपुर, 4 सितम्बर। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। प्रतिदिन आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सहभागी बनकर धर्मलाभ ले रहे हैं।महासभा महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आयड़ जैन तीर्थ के आत्मवल्लभ सभागार में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि सफर पर जाने के लिए जहां जाना है, वहां की जानकारी और उसकी लोकेशन जानना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी यह जानना भी है कि हम कहां से चले हैं। इसी प्रकार संसार के जन्म-मरण के चक्र से सदा के लिए छुटकारा पाने और मोक्ष प्राप्त करने के लिए जैन भौगोलिक ज्ञान के माध्यम से समस्त ब्रह्मांड को जानना भी आवश्यक है। महाराज ने शांतसुधारस की ग्यारहवीं लोकस्वरूप भावना को समझाते हुए कहा कि चौदह राजलोक ऊंचाई वाला यह विराट विश्व है, जिसके मध्य में हम स्थित हैं। सात राजलोक ऊपर देवलोक हैं, जहां देवताओं के विमान हैं, जबकि सात राजलोक नीचे हैं, जहां नरक के नारकी जीवों के आवास बताए गए हैं।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अपराधियों को उनके कर्मों की सजा देने के लिए जेल में बंद किया जाता है, उसी प्रकार इस संसार के महादंभी, महापापी, क्रोधांध, कामांध, लोभांध और मदांध मनुष्यों को उनके भयंकर पापकर्मों का फल नरक में भुगतना पड़ता है। वहां परमाधामी देव नारकी जीवों को विभिन्न प्रकार की भयंकर प्रताडऩाएं देते हैं। वहीं अच्छे कर्म करने वाले मनुष्य पुण्य का संचय कर देवलोक में जाकर दैवीय सुखों का भोग करते हैं। आचार्य भगवंत ने कहा कि जीव को अपने कर्मों के अनुसार ही विभिन्न गतियों में सुख-दु:ख का अनुभव करना पड़ता है। इसलिए जीवन को सार्थक बनाने के लिए शुभ कर्मों का संचय और आत्मकल्याण की दिशा में पुरुषार्थ करना आवश्यक है।धर्मसभा में भोपाल सिंह नाहर, चन्द्र सिंह, अशोक जैन, राजेंद्र जावरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जावरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation साफ हुई उदयपुर की चुनावी तस्वीर, 80 वार्डों में 220 प्रत्याशी; 39 में सीधा भाजपा-कांग्रेस मुकाबला, 41 में त्रिकोणीय से बहुकोणीय संघर्ष, 13 बागी अब भी मैदान में आराधना भवन में तप की अनुमोदना में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 26 तपस्वियों का हुआ अभिनंदन