24 News Update उदयपुर। उदयपुर में आईवीएफ सेंटरों को लेकर उठे सवाल अब कानूनी जांच के दायरे में आ गए हैं। पहले स्वास्थ्य विभाग की जांच में अनियमितताओं के चलते दो संस्थानों का पंजीकरण निलंबित किया गया था और अब इसी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच भी शुरू हो गई है। आरोप इतने गंभीर हैं कि जांच में बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।हाथीपोल थाना क्षेत्र में दर्ज प्रकरण की जांच पुलिस विभाग ने शुरू कर दी है। मामले में एससी-एसटी सेल उदयपुर की पुलिस उप अधीक्षक श्रीमती नीतू राठौड़ को भी शिकायत भेजी गई थी, जबकि एफआईआर की कार्रवाई हाथीपोल थानाधिकारी श्रीमती राजूदेवी राज के स्तर पर दर्ज की गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा सीएमएचओ की रिपोर्ट के आधार पर भी संबंधित संस्थानों की गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है।मामले में अमर आशीष हॉस्पिटल एवं आईवीएफ सेंटर तथा संपत एआरटी बैंक की भूमिका जांच के दायरे में है। एआरटी और डोनर प्रक्रिया से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन पर जांच हा रही है। पुलिस ने बीएनएस, आधार एक्ट, आईटी एक्ट तथा एआरटी रेगुलेशन एक्ट से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां उन आरोपों की भी पड़ताल कर रही हैं जिनमें आधार कार्ड के जरिए कथित फर्जीवाड़ा, डमी डोनर के इस्तेमाल, दलालों के कथित नेटवर्क और नियमों के विपरीत डोनर प्रक्रिया अपनाने जैसी गंभीर बातें सामने आने की संभावना जताई जा रही है। आरोप यह भी हैं कि डोनर से जुड़े नियमों, पहचान सत्यापन और पात्रता मानकों की अनदेखी की गई।जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं डोनर से जुड़े रिकॉर्ड, पहचान संबंधी दस्तावेज और कानूनी मानकों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि कुछ मामलों में ऐसे डोनर उपयोग किए जाने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।दरअसल, यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में संचालित आईवीएफ केंद्रों के खिलाफ विशेष निरीक्षण अभियान चलाया था। विभाग को अंडों की अवैध खरीद-फरोख्त और एआरटी प्रक्रियाओं में संभावित अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद राज्य स्तरीय टीम ने उदयपुर के विभिन्न आईवीएफ केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अमर आशीष अस्पताल एवं आईवीएफ सेंटर में एआरटी बैंक, एआरटी क्लिनिक और सरोगेसी क्लिनिक से जुड़े दस्तावेजों की जांच में गंभीर कमियां मिलने का दावा किया गया था। इसके बाद संबंधित इकाइयों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसी तरह संपत एआरटी बैंक का पंजीकरण भी अनियमितताओं के चलते अगले आदेश तक निलंबित किया गया था।अब एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां दस्तावेजों, रिकॉर्ड और शिकायत में लगाए गए आरोपों की परत-दर-परत जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियों की नजर विशेष रूप से डोनर प्रक्रिया, आधार सत्यापन, एआरटी बैंक संचालन और नियामकीय अनुपालन पर टिकी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बिछीवाड़ा में अफ्रीकन घोंघे का बढ़ता खतरा देख हैरान रह गई दिल्ली से पहुंची वैज्ञानिकों की टीम, सरकार और आईसीएआर को भेजी रिपोर्ट हिरा बावड़ी इलाके से बाइक चोरी, घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल लेकर फरार हुआ चोर