उदयपुर। राजस्थान के निकाय चुनाव में मतदान के अंतिम आंकड़ों ने तस्वीर को और स्पष्ट कर दिया है। उदयपुर नगर निगम का मतदान प्रतिशत अब 69.77% Final हो गया है। यह जयपुर नगर निगम के 62.88%, अजमेर नगर निगम के 63.65% और कोटा नगर निगम के 64.78% से काफी अधिक है, लेकिन जोधपुर नगर निगम के 71.95% से अभी भी 2.18 प्रतिशत अंक पीछे है। दूसरी तरफ उदयपुर जिले के ही मावली में 88.39% और कानोड़ में 82.55% मतदान हुआ। यानी एक ही जिले में उदयपुर शहर और मावली के बीच 18.62 प्रतिशत अंक का अंतर है। 147 निकायों के अंतिम उपलब्ध आंकड़ों का साधारण औसत करीब 80.67% बैठता है। इसे मतदाता संख्या के आधार पर राज्य का आधिकारिक औसत नहीं माना जा सकता, लेकिन निकायवार मतदान के रुझान को समझने के लिए यह आंकड़ा बेहद महत्वपूर्ण है। उदयपुर का 69.77% मतदान इस साधारण औसत से करीब 10.90 प्रतिशत अंक नीचे है। सबसे ज्यादा मतदान धोरीमन्ना में 91.59% हुआ, जबकि सबसे कम सिरोही नगर परिषद में 62.16%। यानी प्रदेश के 147 निकायों में सर्वाधिक और न्यूनतम मतदान के बीच 29.43 प्रतिशत अंक का बड़ा फासला रहा। उदयपुर की कहानी बदली, लेकिन सवाल वही—बड़ा शहर पीछे क्यों? उदयपुर नगर निगम में सुबह 10 बजे मतदान केवल 12.06% था। 1 बजे यह 39.21%, 3 बजे 52.13%, 6 बजे 67.26% और Final आंकड़े में बढ़कर 69.77% हो गया। यानी शुरुआती सुस्ती के बावजूद अंतिम चरण में मतदान में अच्छी बढ़ोतरी हुई। उदयपुर की तुलना उसके ही जिले के दो निकायों से करें तो तस्वीर और ज्यादा दिलचस्प हो जाती है। कानोड़ में Final मतदान 82.55% और मावली में 88.39% रहा। मावली का मतदान उदयपुर नगर निगम से 18.62 प्रतिशत अंक अधिक रहा, जबकि कानोड़ 12.78 प्रतिशत अंक आगे रहा। यानी उदयपुर जिले में सबसे बड़ा शहरी निकाय ही मतदान प्रतिशत में छोटे निकायों से काफी पीछे रहा। यही पैटर्न राजस्थान के कई अन्य जिलों में भी दिखाई देता है। बड़े नगर निगमों में उदयपुर की स्थिति मजबूत, लेकिन जोधपुर आगे राजस्थान के प्रमुख नगर निगमों को देखें तो जोधपुर 71.95% के साथ सबसे आगे रहा। उदयपुर 69.77%, पाली 70.94%, कोटा 64.78%, अजमेर 63.65% और जयपुर 62.88% पर रहे। इस तुलना में उदयपुर ने जयपुर से 6.89 प्रतिशत अंक, अजमेर से 6.12 प्रतिशत अंक और कोटा से 4.99 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान दर्ज किया। हालांकि जोधपुर उदयपुर से 2.18 प्रतिशत अंक आगे रहा। इससे बड़े नगर निगमों की एक स्पष्ट श्रेणी बनती है—जोधपुर और पाली 70% के आसपास या उससे ऊपर, उदयपुर 69.77%, जबकि जयपुर-अजमेर-कोटा 65% के आसपास या उससे नीचे। अजमेर जिले में पुष्कर ने नगर निगम को पीछे छोड़ा अजमेर नगर निगम का Final उपलब्ध आंकड़ा 63.65% है। इसके मुकाबले किशनगढ़ नगर परिषद 78.25% और पुष्कर नगर परिषद 83.68% पर पहुंचा। यानी पुष्कर और अजमेर नगर निगम के बीच 20.03 प्रतिशत अंक का अंतर है। यहां भी वही पैटर्न सामने आया—बड़े शहरी केंद्र की तुलना में छोटे निकाय में मतदाता भागीदारी ज्यादा रही। अलवर जिले में बड़ौदा मेव 89.79%, गोविंदगढ़-रामबास 86.35%, कठूमर 85.80%, खैरली 82.35%, लक्ष्मणगढ़ 86.82%, राजगढ़ 83.84% और थानागाजी 87.06% रहे। बड़ौदा मेव ने 89.79% के साथ राज्य के सबसे ऊंचे मतदान प्रतिशत वाले निकायों में जगह बनाई। बालोतरा में धोरीमन्ना सबसे आगे—91.59% का प्रदेश में सर्वोच्च आंकड़ा बालोतरा नगर परिषद 75.54%, धोरीमन्ना 91.59%, सिंधरी 81.77% और सिवाना 69.32% रहे। धोरीमन्ना का 91.59% मतदान पूरे 147 निकायों में सर्वाधिक है। यहां सुबह 10 बजे ही 44.38% मतदान हो चुका था और 3 बजे तक यह 85.53% पहुंच गया था। शाम 6 बजे यह 91.59% पर पहुंचकर Final में भी कायम रहा। बांसवाड़ा में कुशलगढ़ का Final मतदान 82.20% रहा, जबकि परतापुर गढ़ी का अंतिम उपलब्ध आंकड़ा 66.64% है। बारां में अटरू 80.84%, छबड़ा 81.22% और मांगरोल 88.14% रहे। बाड़मेर के चौहटन में 85.17%, ब्यावर के जैतारण में 76.98% और रायपुर में 78.67% मतदान हुआ। भरतपुर और भीलवाड़ा में 80% से ऊपर की मजबूत भागीदारी भरतपुर जिले में बयाना 81.28%, नदबई 86.75%, उच्चैन 85.31% और वीर 85.91% रहे। खास तौर पर नदबई में 3 बजे तक ही 76.54% मतदान हो चुका था। भीलवाड़ा में आसींद 84.34%, बनेड़ा 83.71%, बिजौलिया 84.68%, गंगापुर 86.60%, गुलाबपुरा 77.80%, हमीरगढ़ 86.65%, जहाजपुर 87.60%, मांडलगढ़ 85.99% और शाहपुरा 80.43% रहे। जहाजपुर का 87.60% मतदान इस जिले के सबसे मजबूत आंकड़ों में शामिल रहा। बीकानेर में देशनोक 81.55%, खाजूवाला 74.92%, लूणकरणसर 81.70%, नापासर 68.90%, नोखा 75.20% और श्रीडूंगरगढ़ 73.53% रहे। बूंदी और चित्तौड़गढ़ में भी छोटे निकायों की मजबूत मौजूदगी बूंदी जिले में हिंडोली 79.58%, केशवरायपाटन 84.92%, लाखेरी 79.04% और नैनवां 83.05% रहे। चित्तौड़गढ़ में आकोला 85.87%, बड़ीसादड़ी 86.06%, कपासन 84.87% और निम्बाहेड़ा नगर परिषद 76.03% पर रही। चूरू जिले में बीदासर 74.08%, राजलदेसर 77.02%, रतनगढ़ 75.12%, साहवा 86.59%, सरदारशहर 69.96% और तारानगर 81.45% रहे। दौसा में दौसा नगर परिषद का अंतिम उपलब्ध आंकड़ा 79.09%, लालसोट 87.76%, लावण 87.92%, मंडावरी 83.16% और रामगढ़ पचवारा 86.37% रहा। डीग, धौलपुर और गंगानगर—मतदान का जोर बरकरार डीग जिले में बृजनगर 87.75%, डीग 81.61% और कुम्हेर 87.72% रहे। धौलपुर में बाड़ी 82.39%, बसेड़ी 83.45% और सरमथुरा 81.01% रहे। डूंगरपुर के सागवाड़ा में Final मतदान 73.03% रहा। गंगानगर में गजसिंहपुर 84.50%, गंगानगर नगर परिषद 71.70%, केसरीसिंहपुर 86.42%, पदमपुर 78.72%, सादुलशहर 86.70% और श्रीकरणपुर 81.60% रहे। हनुमानगढ़ जिले में गोलूवाला 90.03% के साथ दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर रहा। हनुमानगढ़ नगर परिषद 80.08% और पीलीबंगा 83.93% पर रहे। जयपुर 62.88%—राजधानी का मतदान बड़े सवाल छोड़ गया जयपुर नगर निगम में सुबह 10 बजे 16.23%, 1 बजे 37.40%, 3 बजे 48.90% और शाम 6 बजे 62.88% मतदान हुआ। Final आंकड़ा उपलब्ध न होने से यहां 62.88% को अंतिम उपलब्ध मतदान माना गया है। उदयपुर का Final 69.77% होने के बाद अब राजधानी जयपुर से उसका अंतर बढ़कर 6.89 प्रतिशत अंक हो गया है। यानी उदयपुर ने जयपुर से लगभग 7 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान दर्ज किया। यह अंतर केवल संयोग के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि बड़े शहरों में मतदाता भागीदारी के अलग-अलग पैटर्न की ओर संकेत करता है। झालावाड़ और झुंझुनूं में भी ऊंचे मतदान वाले निकाय झालावाड़ में अकलेरा 83.33%, खानपुर 81.49%, मनोहरथाना 87.08% और पिड़ावा 88.93% रहे। झुंझुनूं में बिसाऊ 74.28%, बुहाना 84.01%, चिड़ावा का अंतिम उपलब्ध आंकड़ा 81.29%, मलसीसर 77.74%, मंडावा 74.61%, मंड्रेला 79.26%, पिलानी 75.38%, सिंघाना 79.52%, सूरजगढ़ 81.22% और विद्याविहार 72.74% रहे। जोधपुर नगर निगम का Final 71.95% रहा। यह उदयपुर से 2.18 प्रतिशत अंक अधिक है, लेकिन जयपुर से 9.07 प्रतिशत अंक ज्यादा। खैरथल-तिजारा में चारों निकाय 87% के पार खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में 88.18%, कोटकासिम में 89.56%, मुंडावर में 88.97% और टपूकड़ा में 87.55% मतदान हुआ। यानी इस जिले के चारों निकायों में मतदान 87% से ऊपर रहा। कोटकासिम का 89.56% प्रदेश के शीर्ष मतदान प्रतिशत वाले निकायों में शामिल है। कोटपूतली-बहरोड़ में बर्डोद 87.53%, बहरोड़ 86.18%, मंडन 87.99% और नीमराना 88.78% रहे। कोटा 64.78%—उदयपुर से लगभग 5 प्रतिशत अंक पीछे कोटा नगर निगम में Final उपलब्ध मतदान 64.78% है। सुबह 10 बजे यह 18.33%, 1 बजे 38.84% और 3 बजे 50.99% था। उदयपुर का Final 69.77% होने के बाद दोनों नगर निगमों के बीच अंतर 4.99 प्रतिशत अंक हो गया है। यह तुलना राजस्थान के बड़े शहरों के मतदान पैटर्न को समझने में महत्वपूर्ण है। उदयपुर, जयपुर, अजमेर और कोटा में जहां मतदान 63% से 70% के बीच रहा, वहीं छोटे निकायों की लंबी सूची 80% से 90% के बीच पहुंच गई। नागौर से फलोदी तक—80% पार करने वाले निकायों की लंबी कतार नागौर जिले में डेगाना 82.94%, मेड़ता सिटी 82.41%, मेड़तारोड 84.08% और रियांबड़ी 84.15% रहे। पाली जिले में बाली 68.86%, खिंवाड़ा फालना 72.53%, पाली नगर निगम 70.94%, सादड़ी 66.42%, सुमेरपुर 71.66% और तखतगढ़ 72.04% रहे। फलोदी में बाप 88.66% और फलोदी नगर परिषद 86.37% रहा। बाप में सुबह 10 बजे ही 41.62% मतदान हो चुका था। प्रतापगढ़ में छोटी सादड़ी 83.29% और धरियावद का अंतिम उपलब्ध आंकड़ा 80.26% रहा। राजसमंद जिले में भीम 82.49%, देवगढ़ 83.58% और राजसमंद नगर परिषद 81.19% रहे। सवाई माधोपुर में बामनवास 71.27%, गंगापुर सिटी 73.56% और वजीरपुर 83.40% रहे। सलूंबर नगर परिषद में 78.69% मतदान हुआ। यह उदयपुर नगर निगम के 69.77% से 8.92 प्रतिशत अंक अधिक है। सीकर और सिरोही में कम मतदान वाले शहरी केंद्र सीकर जिले में धोद 82.97%, लोसल 78.93%, रामगढ़ शेखावाटी 72.89% और सीकर नगर परिषद का अंतिम उपलब्ध आंकड़ा 65.47% रहा। सिरोही में माउंट आबू 80.09%, पिंडवाड़ा 65.46% और सिरोही नगर परिषद 62.16% रहा। 62.16% के साथ सिरोही नगर परिषद 147 निकायों में सबसे कम अंतिम उपलब्ध मतदान प्रतिशत वाला निकाय है। टोंक जिले में डिग्गी 88.32%, लाम्बाहरिसिंह 85.68%, मालपुरा 83.15%, टोडारायसिंह 83.72% और टोंक नगर परिषद का अंतिम उपलब्ध आंकड़ा 77.13% रहा। उदयपुर के लिए सबसे बड़ा डेटा-संदेश अब जब उदयपुर नगर निगम का Final मतदान 69.77% सामने आ चुका है, चुनावी तस्वीर पहले से ज्यादा स्पष्ट है। उदयपुर ने— जयपुर से 6.89 प्रतिशत अंक अधिक अजमेर से 6.12 प्रतिशत अंक अधिक कोटा से 4.99 प्रतिशत अंक अधिक पाली से 1.17 प्रतिशत अंक कम जोधपुर से 2.18 प्रतिशत अंक कम मतदान दर्ज किया है। और उदयपुर जिले के भीतर— मावली 88.39% → कानोड़ 82.55% → उदयपुर नगर निगम 69.77% यह क्रम अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण है। छोटे निकायों में मतदाता भागीदारी का स्तर बड़े नगर निगम की तुलना में काफी ऊंचा रहा। सबसे ज्यादा और सबसे कम के बीच 29.43 प्रतिशत अंक 147 निकायों के Final अथवा अंतिम उपलब्ध आंकड़ों में धोरीमन्ना 91.59% के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद गोलूवाला 90.03%, बड़ौदा मेव 89.79%, कोटकासिम 89.56%, मुंडावर 88.97%, पिड़ावा 88.93%, नीमराना 88.78%, बाप 88.66%, मावली 88.39% और डिग्गी 88.32% जैसे निकाय रहे। सबसे निचले स्तर पर सिरोही 62.16%, जयपुर 62.88%, अजमेर 63.65%, कोटा 64.78%, पिंडवाड़ा 65.46%, सीकर 65.47%, सादड़ी 66.42%, परतापुर गढ़ी 66.64%, उदयपुर 69.77% और बाली 68.86% जैसे निकाय रहे। धोरीमन्ना के 91.59% और सिरोही के 62.16% के बीच 29.43 प्रतिशत अंक का अंतर राजस्थान के शहरी मतदान व्यवहार में मौजूद भारी अंतर को सामने रखता है। राजनीतिक संकेत: मतदान बढ़ा, लेकिन अब असली कहानी वोटों की दिशा बताएगी इन आंकड़ों से एक बात साफ है कि राजस्थान के शहरी चुनाव में मतदाता भागीदारी का कोई एक समान पैटर्न नहीं रहा। कई छोटे निकायों में मतदान 85% से 90% तक पहुंच गया, जबकि बड़े नगर निगमों में यह 63% से 72% के आसपास सिमटा रहा। उदयपुर का 69.77% Final इस लिहाज से न तो राज्य के शीर्ष मतदान वाले निकायों में है और न ही सबसे निचले स्तर पर। लेकिन बड़े नगर निगमों की तुलना में उदयपुर की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत जरूर है। फिर भी केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर किसी दल की जीत या हार का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। अधिक मतदान का अर्थ किसी एक दल के पक्ष में अधिक मतदान नहीं होता और कम मतदान अपने आप किसी दल की कमजोरी साबित नहीं करता। असली राजनीतिक तस्वीर वार्डवार मतदान, प्रत्याशियों की पकड़, स्थानीय मुद्दों, बागियों, निर्दलीयों और अंततः मतगणना में सामने आने वाले वोटों से बनेगी। फिलहाल 147 निकायों के आंकड़ों ने पहला बड़ा संदेश दे दिया है—राजस्थान के छोटे शहरों और कस्बों में चुनाव को लेकर मतदाता ज्यादा सक्रिय रहा, जबकि बड़े नगर निगमों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा। उदयपुर ने इस बड़े शहरी समूह में अपनी स्थिति जयपुर, अजमेर और कोटा से ऊपर रखी है। अब 14 सितंबर की मतगणना बताएगी कि इस भारी मतदान में सत्ता की चाबी किसके हाथ लगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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