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भगवा रंग में सराबोर उदयपुर: नवसंवत्सर की अगवानी में सड़कों पर उतरा आस्था और उत्सव का कारवां

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24 News Update उदयपुर। झीलों की नगरी बुधवार को पूरी तरह भगवा रंग में रंगी नजर आई, जब चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 के स्वागत में भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के तत्वावधान में भव्य भगवा चार पहिया वाहन रैली निकाली गई। आस्था, उत्साह और सांस्कृतिक चेतना से सराबोर इस आयोजन में जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा शहर नववर्ष के अभिनंदन में गूंज उठा।
रैली की शुरुआत रानी रोड स्थित महाकाल मंदिर से संत-महात्माओं के सानिध्य में भगवा ध्वज दिखाकर हुई। सबसे आगे लहराता तिरंगा और उसके पीछे सैकड़ों भगवा ध्वजों से सुसज्जित वाहन—यह दृश्य मानो परंपरा और राष्ट्रभाव का संगम बन गया। जयघोष, शंखनाद और नवसंवत्सर के संदेशों के बीच रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई सब-सिटी सेंटर पहुंची।
रैली मार्ग पर जगह-जगह समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। सड़क किनारे खड़े लोगों ने हाथ जोड़कर अभिनंदन किया तो कई स्थानों पर जलपान और स्वागत द्वारों से आयोजन को उत्सव का रूप मिला। युवाओं की भागीदारी इस आयोजन की विशेष पहचान रही—हाथों में भगवा ध्वज, चेहरों पर उत्साह और “भारतीय नववर्ष” के उद्घोष ने माहौल को जीवंत बना दिया।
समिति के संयोजक डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज में भारतीय नववर्ष के प्रति जागरूकता बढ़ाना और “पंच परिवर्तन” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों को सशक्त करने की दिशा में एक संगठित प्रयास है।

नवसंवत्सर के उपलक्ष्य में 19 मार्च को शहर की 73 बस्तियों के प्रमुख मंदिरों में महाआरती, गंगा आरती और हनुमान चालीसा पाठ होंगे, जिससे पूरे उदयपुर में आध्यात्मिक वातावरण का विस्तार होगा। इसके बाद 20 मार्च को चेटीचंड शोभायात्रा में सहभागिता, 21 मार्च को शंखनाद और घोष वादन, तथा 22 मार्च को भव्य शोभायात्रा, धर्मसभा और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें रेपरिया बालम फेम अशोक मंडा विश्नोई अपनी प्रस्तुति देंगे।

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