-विधायक श्रीचंद कृपलानी ने विधानसभा में भी उठाया मुद्दा-जोधपुर को बढावा देने व मेवाड की उपेक्षा का आरोप लगाया24 News Yodate उदयपुर। मेवाड के मेडिकल कॉलेज, डेन्टल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथैरेपी व फार्मेसी कॉलेजों को राजस्थान यूनिवर्सिटीज ऑफ हेल्थ साइंस से संबद्दता से हटाकर मारवाड यूनिवरसिटी से जोडने का जोरदार विरोध हो गया है। इस मामले को शुक्रवार को विधायक श्रीचंद कृपलानी ने भी विधानसभा में उठाया और कहा कि यह फैसला बेतुका है और व्यावहारिक भी नहीं है।उदयपुर नर्सिंग एंड फिजियोथैरेपी एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश राजानी ने बताया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह क्षेत्र जोधपुर में मारवाड यूनिवरसिटी की स्थापना की गई थी। मेवाड के मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथैरेपी व फार्मेसी कॉलेजों लंबे समय से राजस्थान यूनिवर्सिटीज ऑफ हेल्थ साइंस से जुडे हुए है। अब इनको आरयूएचएस से हटाकर मारवाड यूनिवरसिटी से जोडने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे स्थानीय मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर व विद्यार्थियों के साथ ही मेवाड के सांसदों व विधायकों ने भी विरोध किया है। मेडिकल कॉलेज के संचालकों ने कहा कि जब हमें आरयूएचएस से जुडे रहने में कोई परेशानी है और विद्याथियों को वहां आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं तो यह निर्णय लेना अप्रासंगिक है। श्री राजानी ने कहा कि उदयपुर में हाईकोर्ट का मुद्दा इतने साल से चल रहा है जिस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है और स्थानीय वकील लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब हजारों छात्रों को परेशानी में डाला जा रहा है। उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाडा, प्रतापगढ, चित्तौडगढ व भीलवाडा के विद्यार्थी को जब जयपुर पहुंचने में आसानी है तो उनको जोधपुर से जोडकर क्यों परेशानी में डाला जा रहा है। उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी व मेवाड के अन्य विधायकों ने भी इसको लेकर विरोध जताया है और सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। इन्होंने सरकार को पत्र लिखकर बताया कि इस फैसले से संकाय, प्रशासनिक निकाय व छात्रों में काफी अशांति उत्पन्न हो गई है।विधायक श्रीचंद कृपलानी ने शुक्रवार को इस मामले को विधानसभा में उठाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर को लाभ पहुंचाने के लिए मेवाड की उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि मारवाड यूनिवरसिटी से जोडना व्यावहारिक नहीं है। हर संभाग पर आरयूएचएस की तर्ज पर मेडिकल कॉलेज बनना चाहिए। कृपलानी ने कहा कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation विद्यापीठ – ’तेल आधारित सौंदर्य उत्पाद पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ समापन,जीडीपी में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी – प्रो. सारंगदेवोत फाल्गुन गीतों की फुहार के साथ होली मिलन समारोह सम्पन्न