24 News Update उदयपुर, 17 सितम्बर। पिछोला झील के प्रसिद्ध गणगौर घाट पर गुरुवार शाम मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और महाराणा प्रताप की दिवेर विजय की गाथा जीवंत हो उठी। प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मेवाड़-मुगल संघर्ष के निर्णायक मोड़ दिवेर युद्ध पर आधारित नुक्कड़ नाटक का पहला सार्वजनिक मंचन किया गया।युवा कलाकारों की दमदार प्रस्तुति ने घाट पर मौजूद दर्शकों को आकर्षित किया। जैसे ही कलाकारों ने संवाद किया—“जैसा कि होता आया है, अब वैसा ना होने देंगे, लाज बचाई थी जिसने, हम उनको ना खोने देंगे”—वातावरण शौर्य और स्वाभिमान के भाव से भर गया। राह चलते लोग भी रुककर नाटक देखने लगे।नाटक में महाराणा प्रताप द्वारा दिवेर चौकी पर किए गए ऐतिहासिक हमले, कुंवर अमर सिंह की वीरतापूर्ण भूमिका और मेवाड़ी योद्धाओं के अदम्य साहस को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास और भुला दिए गए शौर्य प्रसंगों से परिचित कराना रहा। वर्तमान संदर्भों से जोड़ते हुए शूरवीरों की गाथाओं को स्मरण रखने का संदेश भी दिया गया।मीरा गर्ल्स कॉलेज और विद्या भवन पॉलिटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों ने नाटक का मंचन किया। अमित श्रीमाली और अमित व्यास के लेखन एवं निर्देशन में हुए इस आयोजन में मीमांसा परसाई, रंजन कुमार साहनी, जलज भारद्वाज, मानवी ऑडिच्या, नीतू अहारी, अर्चना साहनी, अंजना सुथार, हंसा मीणा, निशा बंजारा, दर्शिका वैष्णव और नकुल पंड्या ने विभिन्न पात्रों की भूमिकाएं निभाईं। उदयपुर में जागृति, बीकानेर में निखिल प्रथमदिवेर विजय महोत्सव 2026 के तहत राजस्थान के विभिन्न संभागों में भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप के रण-कौशल, प्रशासनिक क्षमता और दिवेर युद्ध की ऐतिहासिक महत्ता पर विचार व्यक्त किए। उदयपुर के राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में आयोजित संभाग स्तरीय प्रतियोगिता की अध्यक्षता प्राचार्या प्रो. अंजना गौतम ने की। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के पूर्व समन्वयक विलास जानवे और सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के डिप्टी डायरेक्टर गौरीकान्त शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे। मुख्य अतिथि प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना थे। सक्सेना ने कहा कि महाराणा प्रताप की विजय को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास नया नहीं है। उन्होंने कहा कि इतिहासकार ओझाजी के शोध में वर्षों पहले ही महाराणा प्रताप की विजय का उल्लेख किया जा चुका है।प्रतियोगिता में प्रथम स्थान राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय की जागृति जागेटिया ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से एसएमबी महाविद्यालय, नाथद्वारा के हिमांशु आसेरी और श्री गोविंद गुरु राजकीय महाविद्यालय, बांसवाड़ा की स्पर्शी जैन को मिला।बीकानेर के राजकीय डूंगर महाविद्यालय में ‘विजय योद्धा एवं कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप’ विषय पर संभाग स्तरीय भाषण प्रतियोगिता आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. नरेंद्र नाथ ने की, जबकि प्रो. विक्रमजीत विशिष्ट अतिथि रहे। मुख्य अतिथि दिवेर विजय महोत्सव 2026 के संयोजक रमन कुमार सूद थे। कार्यक्रम का संयोजन प्रो. सुखाराम ने किया।प्रतियोगिता में 11 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर के निखिल चौधरी प्रथम रहे। इसी महाविद्यालय की संजू कंवर ने द्वितीय और नेहरू मेमोरियल कॉलेज, हनुमानगढ़ के कृष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हुनर मेहंदी कोर्स की प्रतिभाओं व नवनिर्वाचित पार्षदों का सम्मान निस्वां ब्रांड व लोगो का विमोचन लघु कलाकृतियों के विमोचन के साथ मनाया प्रधानमंत्री का जन्मोत्सव