डॉ. पुष्पा कलाल की शोधपरक कृति ने मीरा के जीवन, भक्ति और दर्शन के अनछुए पहलुओं को किया उजागर, विद्वानों ने बताया साहित्य जगत की महत्वपूर्ण उपलब्धि 24 News Update उदयपुर। राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर एवं मेड़तणी मीरा साहित्य संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को साहित्य, संस्कृति और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था सुप्रसिद्ध लेखिका एवं शोधकर्ता डॉ. पुष्पा कलाल की बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘मीरा एक रंग अनेक’ के लोकार्पण का। राजस्थान साहित्य अकादमी के पुस्तकालय भवन परिसर में आयोजित समारोह में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, इतिहासकारों और शोधार्थियों ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए इसे मीरा के बहुआयामी व्यक्तित्व को नए परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने वाली महत्वपूर्ण कृति बताया।समारोह में इतिहासकार एवं लेखक डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू, राजस्थान साहित्य अकादमी के सचिव बसंतसिंह सोलंकी, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. लोकेश भारती, वरिष्ठ साहित्यकार आशा पांडेय ‘ओझा’, सेवानिवृत्त शिक्षाविद् डॉ. इंदिरा जैन सहित अनेक प्रबुद्ध साहित्यकार उपस्थित रहे। पुस्तक की समीक्षात्मक प्रस्तुति प्रमिला शरद व्यास एवं डॉ. निर्मला शर्मा ने दी, जबकि कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. प्रियंका भट्ट ने किया।मीरा के विविध आयामों पर गहन शोध का परिणाम है यह कृतिवक्ताओं ने कहा कि डॉ. पुष्पा कलाल लंबे समय से साहित्य, शोध और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी नवीन पुस्तक ‘मीरा एक रंग अनेक’ वर्षों के अध्ययन, शोध और चिंतन का परिणाम है। पुस्तक में संत शिरोमणि मीरा के जीवन, कृष्ण भक्ति, दर्शन, लोकसंस्कृति, सामाजिक चेतना और साहित्यिक योगदान के अनेक आयामों को सरल, रोचक और शोधपरक शैली में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही मीरा के व्यक्तित्व के उन पहलुओं को भी सामने लाया गया है, जिन पर अब तक अपेक्षाकृत कम विमर्श हुआ है।शोधार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए उपयोगी ग्रंथसमारोह में वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक केवल मीरा के जीवन का विवरण नहीं, बल्कि उनके आध्यात्मिक चिंतन, नारी चेतना, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों को समकालीन दृष्टि से समझने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति शोधार्थियों, विद्यार्थियों, साहित्यकारों और मीरा साहित्य के अध्येताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।कार्यक्रम के अंत में डॉ. पुष्पा कलाल का सम्मान किया गया। उपस्थित साहित्यकारों ने उन्हें पुस्तक के सफल प्रकाशन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कृति राजस्थान की साहित्यिक परंपरा को नई समृद्धि प्रदान करेगी। बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation विश्वविख्यात वास्तुविद मंडन को समर्पित ‘आर्किटेक्ट्स टॉवर’ निर्माण का शुभारंभ श्री लखदातार सेवा समिति के नए कार्यालय का उद्घाटन, विधायक उदयलाल डांगी बोले— समाज सेवा के कार्यों को मिलेगा नया विस्तार