आठ दिन तक जिनालयों में होंगे विविध धार्मिक आयोजन, साधना और आराधना में जुटेंगे श्रावक-श्राविकाएं 24 News Update उदयपुर, 7 सितम्बर। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ के आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व का शुभारंभ 8 सितम्बर मंगलवार से होगा। पर्युषण महापर्व को लेकर शहर सहित संभागभर के विभिन्न श्वेताम्बर जैन संघों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जिनालयों में आकर्षक साज-सज्जा की जा रही है तथा आठ दिनों तक आयोजित होने वाली धार्मिक क्रियाओं एवं आराधना कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि उदयपुर सहित संभागभर में पर्युषण महापर्व के दौरान विभिन्न संघों द्वारा विविध धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आयोजित किए जाएंगे। जिलेभर के जिनालयों में भी पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। नाहर ने बताया कि श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में पर्युषण महापर्व के आठों दिन विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं प्रतिदिन सुबह धर्मसभा एवं व्याख्यान, सामूहिक एकासणा तथा शाम को प्रतिक्रमण और भक्ति भाव कार्यक्रमों में शामिल होंगे।आयड़ जैन तीर्थ के आत्मवल्लभ सभागार में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि सांसारिक प्रेम हमेशा स्वार्थ से प्रेरित होता है। व्यक्ति का जितना स्वार्थ होता है, उतने समय तक ही उसका प्रेम भी टिकता है। पत्नी का पति के प्रति प्रेम हो या पति का पत्नी के प्रति प्रेम, अधिकांश सांसारिक संबंधों में कहीं न कहीं स्वार्थ जुड़ा रहता है। यही कारण है कि सुख-सुविधाओं से भरा दिखाई देने वाला संसार भी वास्तव में असार है। उन्होंने कहा कि पर्युषण महापर्व आत्मचिंतन, संयम, तप और साधना का पर्व है। इन दिनों व्यक्ति को बाहरी आडंबरों से दूर होकर अपने भीतर झांकना चाहिए तथा आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढऩा चाहिए। पहले दिन से क्षमायाचना तक होंगे विविध आयोजनपर्युषण महापर्व के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक क्रियाओं का आयोजन होगा। पर्व के दौरान सांसारिक के पांच कर्तव्य, साधर्मिक वात्सल्य, अमारी प्रवर्तन, अष्टम तप, चैत्य परिपाटी एवं क्षमायाचना सहित विविध धार्मिक आयोजन होंगे। इसके साथ ही तीन दिनों तक कल्पसूत्र का वाचन किया जाएगा। पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन बारसा सूत्र का वाचन तथा सामूहिक क्षमायाचना का आयोजन होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आत्मशुद्धि एवं संयम की साधना करेंगे।धर्मसभा में भोपाल सिंह नाहर, चंद्र सिंह, अशोक जैन, राजेंद्र जावरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जावरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation समर्पित शिष्य को गुरु के आशीष से सभी सिद्धियाँ प्राप्त होती है : आचार्य प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर ग्रामीण वोटरों को दो दिन पहले LPG की राहत, 45 दिन का इंतजार खत्म