आराधना भवन में आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व मंगलवार से24 News Update उदयपुर, 7 सितम्बर। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में इन दिनों धर्म, तप और साधना का वातावरण बना हुआ है। आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज, मुनिराज नीतिप्रभ विजयजी महाराज एवं साध्वी श्रुतवर्धना श्रीजी महाराज आदि ठाणा की पावन निश्रा में 45 दिवसीय सिद्धि तप आराधना श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ जारी है। सिद्धि तप के अंतर्गत तपस्वी नियमित रूप से कठोर तप-साधना करते हुए आत्मशुद्धि, संयम और कर्मनिर्जरा की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन आराधना भवन में धार्मिक अनुष्ठान, पूजा, सामायिक, प्रतिक्रमण, तप-साधना एवं प्रवचन सहित विभिन्न धार्मिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सहभागी बनकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।श्रीसंघ के कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया ने बताया कि श्वेतांबर समाज का आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व आगामी 8 सितम्बर से प्रारंभ होगा। इसे लेकर आराधना भवन सहित समाज के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पर्युषण के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें पूजा-अर्चना, सामायिक, प्रतिक्रमण, ध्यान, तप, स्वाध्याय एवं साधु-साध्वियों के प्रवचन प्रमुख रहेंगे। उन्होंने बताया कि पर्युषण के आठ दिनों में बड़ी संख्या में समाजजन तप, उपवास एवं अन्य धार्मिक आराधनाएं करेंगे। साधु-साध्वियों के सान्निध्य में होने वाले प्रवचनों के माध्यम से श्रावक-श्राविकाओं को धर्म के गूढ़ सिद्धांतों, संयम, अहिंसा, आत्मचिंतन और क्षमाभाव का संदेश दिया जाएगा।धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज ने तप की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पानी की बुंद तो सर्वत्र एक समान होती है, परंतु पात्र के भेद से उसके अस्तित्व में भेद पड़ता है। पानी की एक बूंद जब तपे हुए लोहे के तवे पर गिरती है तब वह जलकर हवा में उड़ जाती है। वहीं बुंद यदि पर्वत पर गिरे तो यूं ही व्यर्थ चली जाती है। वहीं बंद यदि खेत में गिरती है तो वह सिंचाई में काम लगती है और वही पानी की बूंद सागर में मिलती है तो वह अक्षय बन जाती है। गुरु की कृपा भी सभी शिष्यों के प्रति समान होती है परंतु योग्यता के अनुसार शिष्य को उसका लाभ होता है। जो शिष्य गुरु के प्रति समर्पित रहता है उसे गुरु के द्वारा प्राप्त हुई सभी सिध्दियाँ प्राप्त हो जाती है।इस अवसर पर श्रीसंघ के डॉ. शैलेन्द्र हिरण, कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया, राजकुमार बापना, नरेंद्र सिंघवी, भोपाल सिंह सिंघवी, मनीष दोशी, अभिषेक हुमड़, अशोक सेठ, प्रकाश गांधी, राकेश चेलावत, अशोक जैन, राजेंद्र कोठारी सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने सिद्धि तप में साधनारत सभी तपस्वियों की अनुमोदना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं तप आराधना की निरंतरता के लिए मंगलकामना की। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जिंक सिटी हाफ मैराथन में उमड़ा रनर्स का सैलाब, 9700 से ज्यादा धावकों ने लगाई दौड़ श्वेताम्बर जैन समाज का आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व कल से