24 News Update उदयपुर। दान की वास्तविक सार्थकता धन या वस्तुओं के मूल्य में नहीं, बल्कि उसे देने वाले के भाव में होती है। यदि दान के साथ अहंकार जुड़ जाए तो उसका आध्यात्मिक महत्व समाप्त हो जाता है, जबकि विनम्रता, सम्मान और कृतज्ञता से किया गया समर्पण ही वास्तविक दक्षिणा कहलाता है। यह विचार मालव मार्तण्ड आचार्य डॉ. मुक्तिसागरसूरीश्वर महाराज ने आयड़ जैन तीर्थ स्थित छाणद तीर्थ उपाश्रय में चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि समाज ने दान देना तो सीख लिया है, लेकिन दक्षिणा के मर्म को अभी पूरी तरह नहीं समझा। दान केवल धन, अन्न, वस्त्र या अन्य वस्तुओं का हो सकता है, जबकि दक्षिणा दिल की उदारता और श्रद्धा का प्रतीक होती है। जिस व्यक्ति के माध्यम से हमारी लक्ष्मी पुण्य में परिवर्तित होती है, उसके प्रति अहसान नहीं बल्कि आभार का भाव होना चाहिए। यही भावना साधारण दान को आध्यात्मिक दक्षिणा का स्वरूप प्रदान करती है।आचार्यश्री ने कहा कि पुण्य का संचय केवल दान देने से नहीं होता, बल्कि उसके पीछे की भावना से होता है। सेवा, संवेदना, समर्पण और अहंकाररहित मन से किया गया दान ही आत्मकल्याण का माध्यम बनता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को दान के साथ सम्मान और विनम्रता का भाव भी जोड़ना चाहिए।महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि चातुर्मास के दौरान आगामी चार माह तक आयड़ जैन तीर्थ में धर्म, साधना और संस्कारों से जुड़े विविध आयोजन निरंतर होंगे। 1 अगस्त को प्रातः प्रश्नोत्तरी प्रवचन तथा दोपहर में तरुण संस्कार शिविर आयोजित किया जाएगा। 2 अगस्त से “भक्तियोग भगाए सब रोग” विषय पर संगीतमय प्रवचन श्रृंखला प्रारंभ होगी, जबकि 6 अगस्त से आचार्यश्री की निश्रा में सम्मेत शिखरजी तप का शुभारंभ होगा, जो संवत्सरी महापर्व तक चलेगा।प्रवचन में अशोक जैन, राजेंद्र जवेरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जवेरिया, दिनेश बापना, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया और कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मानसून अलर्ट: भारी बारिश से निपटने को रेलवे की हाई अलर्ट तैयारी, ट्रैक से लेकर अंडरपास तक 24 घंटे निगरानी महाराणा प्रताप सेना ने अज्ञात व्यक्ति का पूरे रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार