24 News Update नई दिल्ली। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से पहले भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। दशकों तक नीली जर्सी में खेलने वाली भारतीय पुरुष और महिला टीम अब विश्व कप में नारंगी रंग की किट पहनकर मैदान में उतरेगी। इस बदलाव ने खेल जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छेड़ दी है।नई जर्सी का अनावरण 27 जुलाई को किया गया था। इसके बाद भारतीय हॉकी के पूर्व कप्तान विरेन रास्किन्हा ने इस फैसले पर आपत्ति जताई, जबकि हॉकी इंडिया ने इसे खिलाड़ियों की राय से लिया गया निर्णय बताते हुए इसका बचाव किया। भारतीय टीम का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व कर चुके विरेन रास्किन्हा ने कहा कि नीली जर्सी केवल एक रंग नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी की पहचान रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से बनी इस पहचान को बदलने का औचित्य समझ से परे है।रास्किन्हा जूनियर वर्ल्ड कप 2001 विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 2004 एथेंस ओलिंपिक, 2006 हॉकी विश्व कप और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। हॉकी इंडिया का पक्ष- खिलाड़ियों की राय पर हुआ फैसलाहॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप कुमार टिर्की ने कहा कि नई जर्सी का रंग खिलाड़ियों, कप्तानों, कोचिंग स्टाफ और सहयोगी दल की सहमति से चुना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विश्व कप के बाद खिलाड़ियों को यह बदलाव उपयुक्त नहीं लगता है तो भविष्य में जर्सी के रंग पर फिर से विचार किया जा सकता है।टिर्की के अनुसार, आधुनिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेली जाती है। ऐसे में नीली जर्सी पहनने से तेज रफ्तार मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों की पहचान और गेंद पर नजर बनाए रखने में व्यावहारिक कठिनाई महसूस होती थी। इसी कारण अधिक स्पष्ट दिखने वाले रंग को प्राथमिकता दी गई। राजनीति में भी पहुंचा मामलानई जर्सी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने रंग परिवर्तन की आलोचना करते हुए कहा कि देश की पहचान उसके मूल्यों और परंपराओं से जुड़ी होती है, जिन्हें बदलने की आवश्यकता नहीं है। हॉकी इतिहासकारों के अनुसार, भारतीय टीम 1928 से अधिकांश अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नीली या सफेद-नीली जर्सी में खेलती रही है। समय के साथ डिजाइन बदले, लेकिन नीला रंग भारतीय खेलों की पहचान बन गया। बाद में क्रिकेट सहित कई भारतीय टीमों ने भी अशोक चक्र के नीले रंग को अपनाया और ‘मेन इन ब्लू’ की पहचान स्थापित हुई। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ₹28 हजार की रिश्वत लेते पशु चिकित्सक गिरफ्तार, कैमरे के सामने बोला- चेहरा ढकने की जरूरत नहीं