24 News Update सागवाड़ा, 28 अगस्त (जयदीप जोशी)। निकटवर्ती सरोदा गांव के सांगेला तालाब पर श्रावणी उपाकर्म पर सरोदा ब्राह्मण समाज ने आत्मशुद्धि का पर्व सम्पन्न किया।रक्षाबंधन और श्रावण मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरोदा, पादरड़ी, बड़ी सामलिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के ब्राह्मणों ने सोमवार को पारंपरिक विधि-विधान के साथ श्रावणी उपाकर्म सम्पन्न किया। सरोदा के सांगेला तालाब पर आचार्य चंद्रकांत शुक्ला के निर्देशन में उपस्थित विप्रवरों ने दशविध स्नान, हेमाद्रि श्रावण, ऋषि पूजन, देव ऋषि एवं पितृ तर्पण की विधियां पूरी करने के बाद नए यज्ञोपवीत धारण किए।आचार्य चंद्रकांत शुक्ला ने बताया कि श्रावणी उपाकर्म आत्मशुद्धि का पर्व है, जिसे ब्राह्मणों का मुख्य त्योहार माना जाता है। इस दिन को प्राचीन समय में विद्यार्थी अपनी शिक्षा की शुरुआत के लिए गुरुकुल जाने के रूप में मनाते थे। सांगेला तालाब पर आचार्य चंद्रकांत शुक्ला एवं प्रदीप पाठक के निर्देशन में दशविध स्नान, हेमाद्रि श्रावण, ऋषि पूजन, देव ऋषि तर्पण एवं पितृ तर्पण की विधियां पूर्ण की गईं। इसके बाद सभी विप्रजनों ने विधिपूर्वक नए यज्ञोपवीत धारण किए।आचार्य चंद्रकांत शुक्ला ने बताया कि श्रावणी उपाकर्म आत्मशुद्धि और वैदिक परंपरा के पालन का पर्व है। इसे ब्राह्मण समाज का प्रमुख धार्मिक संस्कार माना जाता है। प्राचीन काल में इसी दिन विद्यार्थी गुरुकुल में प्रवेश लेकर वेद अध्ययन की शुरुआत करते थे।सरोदा सांगेला तालाब कार्यक्रम में कार्तिक शुक्ला, अभिषेक पाठक, प्रमोद पाठक, हेमेंद्र उपाध्याय, कांतिलाल व्यास, विनोद मेहता, मयंक पाठक, प्रदीप पाठक, हर्षद व्यास, हेमेंद्र पंड्या, पंकज उपाध्याय, अरविंद मेहता, विद्याशंकर पाठक, निखिल व्यास, दिनेश व्यास, उदयप्रकाश आचार्य, जगदीश उपाध्याय, कपिल पाठक, जगदीश पाठक, हेमेंद्र पंड्या, प्रमोद पाठक, योगेश उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधे रक्षा सूत्र, हर्षोल्लास श्रावण मास को लेकर शिव मंदिरों में भक्तिभाव से पूजा-अर्चना की गई