24 News Update उदयपुर। समर्पण, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण पेश करते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षक सतीश जैन ने अपने शिक्षकीय जीवन के पूरे 30 वर्ष लगभग एक ही विद्यालय को समर्पित कर दिए। उनका पहला पदस्थापन 13 जुलाई 1996 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जोधपुरिया (कुराबड़) में हुआ था और उल्लेखनीय बात यह रही कि सेवानिवृत्ति भी उन्होंने इसी विद्यालय से प्राप्त की।शहर उदयपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित इस दुर्गम विद्यालय में जब उनका पदस्थापन हुआ, तब वहां आने-जाने के लिए समुचित सड़क सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने कर्तव्य से समझौता नहीं किया और निरंतर विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में जुटे रहे।विशेष बात यह भी रही कि लंबे सेवाकाल के दौरान उनकी न तो पदोन्नति हुई और न ही उन्होंने स्थानांतरण के लिए प्रयास किया, जबकि वे शिक्षक संगठन से भी जुड़े रहे। इसके बावजूद उन्होंने अपने विद्यालय और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा के साथ सेवा देना ही अपना धर्म माना।ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की ज्योति जलाने वाले सतीश जैन का यह शिक्षकीय सफर इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि सच्चा शिक्षक पद, प्रतिष्ठा या स्थान से नहीं, बल्कि अपने समर्पण, कर्म और विद्यार्थियों के प्रति जिम्मेदारी से पहचाना जाता है। तीन दशकों तक एक ही विद्यालय में सेवाएं देकर उन्होंने शिक्षा जगत में कर्तव्यपरायणता और सेवा भावना की मिसाल कायम की। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 38 दिन से ठप मानवता की रसोई: एमबी अस्पताल में रोज 600 जरूरतमंदों की थाली छिनी, प्रशासन के आश्वासन अब भी अधूरे वल्लभनगर से ‘VB G RAM G’ अभियान का आगाज, गांव-गांव पहुंचेंगी केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं