उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर भूमि दलालों के चंगुल में आ चुकी है। लगातार पहाड़ कट रहे हैं और जगह-जगह कब्जे के खेल चल रहे हैं। इनमें भूमि दलालों के साथ ही कुछ ऐसे लोगों की मिलीभगत है जिनसे वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को जान का खतरा हो रहा है। अधिकारी पहाडों की रक्षा करते समय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और खुद पर हमले की आशंका जता रहे हैं। कई कर्मचारी तो तबादले की मांग कर रहे हैं ताकि दूसरी जगह सुकून से नौकरी कर सकें। कर्मचारियों को अब हथियारों की जरूरत महसूस होने लगी है। आज इसी सिलसिले में एक कर्मचारी ने उच्चाधिकारी से 6 राउंड रिवॉल्वर इश्यू करने की मांग की। इसके लिए आवेदन किया जो 24 न्यूज अपडेट के पास है। इसमें जो लिखा गया है वह आम संवेदनशील उदयपुरवासी के लिए चिंता और चिंतन का विषय है।यह पत्र उप वन संरक्षक महोदय उदयपुर द्वारा क्षेत्रीय वन अधिकारी उदयपुर पश्चिम वन नाका नाई के वनपाल नारायण लाल कुमावत ने लिखा है। पत्र में उन्होंने यह लिखा है कि –उदयपुर के नजदीक होने से बडे भूमाफिया व भूमि दलालो ंकी नजर टिकी हुई है। 2023-24 के क्रम में विभाग की विजेंद्रसिंह आरओ साहब के सान्निध्य में बेशकीमती वन भूमि को बचाया गया है। वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए है। इन्ही कारणों से आरओ व मेरी भूमाफियाओं से दुश्मनी बढ़ गई है, मुझे कोई भी जान से मार सकता है। अतः निवेदन है कि मेरी राज्य सेवा से निवृत्त होने में 10 माह शेष है इसलिये मुझे वन नाका नाई से हटाकर अन्य कार्य पर लगाया जाए या मुझे आत्मरक्षा के लिए डिविजन कार्यालय से 6 राउण्ड की रिवॉल्वर इश्यू करना फरमायें। चूंकि मेरे ऊपर बहुत ज्यादा दबाव होने से मानसिक रूप से परेशान हूं। अतः निवेदन है कि मुझे जल्दी से जल्दी डिविजन से 6 राउन्ड रिवाल्वर इश्यू करवाने का आदेश प्रसारित कराने का श्रम करावें। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर में राहुल-प्रियंका की सभा की तैयारी विज्ञान और आस्था का मिश्रण : रामलला के सूर्य तिलक का ट्रायल, लेंस और पीतल के पाइप से तीसरी मंजिल पर पहुंचीं किरणें