24 News Update उदयपुर, 2 मई। भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) के अंतर्गत स्वगणना विकल्प के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए शनिवार को आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन में विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत 1 मई से 15 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान विभाग द्वारा नागरिकों को स्वगणना का विकल्प प्रदान किया गया है। इसके अंतर्गत मेडिकल कॉलेज और इसके अधीन कार्यरत सभी कार्यालयों के अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पोर्टल के माध्यम से अपने-अपने परिवारों की सूचनाएं स्वयं ऑनलाइन दर्ज अथवा अपडेट करें।आरएनटी प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। स्वगणना का विकल्प न केवल प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाता है, बल्कि यह डेटा की शुद्धता भी सुनिश्चित करता है। हमने कॉलेज के अधीन सभी अनुभागों और कार्यालयों के कार्मिकों को निर्देशित किया है कि वे इस निर्धारित अवधि (1 मई से 15 मई) के भीतर अपने परिवार की जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करें। हमारी सक्रिय भागीदारी ही इस राष्ट्रीय मिशन को सफल बनाएगी। कार्यक्रम में सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रकाश चन्द्र, शिक्षक असलम और सूचना सहायक भावेश खत्री ने प्रतिभागियों को तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी भरत शर्मा और माना लाल डांगी द्वारा पोर्टल के उपयोग का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। मेडिकल कॉलेज की अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. कीर्ति ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सायरा में बड़ी चोरी: उमरोद गांव से 7 किलो चांदी और 80 हजार नकद पार देवर्षि नारद जयंती पर उदयपुर में कल पत्रकार सम्मान समारोह, पांच श्रेणियों में होंगे सम्मान