24 News update उदयपुर। उदयपुर में स्मार्ट मीटर लगाने की परियोजना में कार्यरत 80 से अधिक युवाओं ने ठेका कंपनी प्रबंधन पर लाखों रुपये का वेतन बकाया छोड़कर फरार होने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का दावा है कि अप्रैल 2026 से 10 मई 2026 तक का वेतन भुगतान किए बिना कंपनी ने अपना कार्यालय बंद कर दिया, जबकि भविष्य निधि (पीएफ) के नाम पर की गई कटौतियों का भी कोई हिसाब नहीं दिया गया।जानकारी के अनुसार उदयपुर में स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका जीनस कंपनी को मिला था। जीनस कंपनी ने यह कार्य दीप इन्फ्रा प्रा.लि. को सौंपा, जिसने नवंबर 2025 में करीब 85 कर्मचारियों की भर्ती कर स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कराया। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी के संचालक जयराज सिंह जडेजा, उनकी पत्नी दीपालीबा लालूबा चुडासमा तथा कंपनी मैनेजर घनश्याम तोगजी जडेजा 10 मई 2026 को कार्यालय बंद कर अचानक गायब हो गए। तब से उनके मोबाइल फोन भी बंद बताए जा रहे हैं।कर्मचारियों के अनुसार अक्टूबर 2025 में भर्ती विज्ञापन जारी कर युवाओं को नौकरी के लिए बुलाया गया था। उस दौरान जयराज सिंह जडेजा ने स्वयं को कंपनी का मालिक बताते हुए न्यूनतम 22,500 रुपये मासिक वेतन, योग्यता के अनुसार अधिक भुगतान तथा पीएफ सुविधा का भरोसा दिया था। मेवाड़ मोटर्स गली स्थित कार्यालय में हुई बैठकों में दीपालीबा लालूबा चुडासमा और घनश्याम तोगजी जडेजा ने भी युवाओं को परियोजना 15 वर्षों तक चलने और समय-समय पर वेतन वृद्धि का आश्वासन दिया था। जिन कर्मचारियों को मासिक वेतन पर नहीं रखा गया, उन्हें प्रति मीटर 100 से 120 रुपये तक भुगतान का वादा किया गया था।इन आश्वासनों के बाद करीब 80 बेरोजगार युवाओं ने नवंबर 2025 में नौकरी जॉइन की और उन्हें जीनस कंपनी के आईडी कार्ड भी जारी किए गए। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने नवंबर 2025 से 10 मई 2026 तक लगातार कार्य किया और इस दौरान उदयपुर शहर में करीब 16 हजार स्मार्ट मीटर लगाए। शुरुआती तीन महीनों का भुगतान समय पर हुआ, लेकिन फरवरी 2026 से वेतन भुगतान में देरी शुरू हो गई। इसके बावजूद कर्मचारियों ने लगातार काम जारी रखा।कर्मचारियों का आरोप है कि उनके वेतन से प्रतिमाह लगभग 2200 रुपये पीएफ मद में काटे गए, लेकिन न तो कोई पीएफ खाता नंबर उपलब्ध कराया गया और न ही यह स्पष्ट किया गया कि कटौती की गई राशि कहां जमा कराई गई। वेतन भुगतान को लेकर कर्मचारियों ने कई बार जयराज सिंह जडेजा, दीपालीबा लालूबा चुडासमा और घनश्याम तोगजी जडेजा से संपर्क किया, लेकिन उन्हें हर बार टालमटोल जवाब मिला। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि उन्होंने जीनस कंपनी के अधिकारियों से भी हस्तक्षेप की मांग की, लेकिन वहां से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।कर्मचारियों का दावा है कि बकाया वेतन और अन्य देयकों को मिलाकर करीब 30 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ है। उनका आरोप है कि दीप इन्फ्रा प्रा.लि. के प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों ने मिलीभगत से कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी की है।मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को माकपा जिला सचिव एवं पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बकाया वेतन दिलाने, पीएफ कटौती की जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। कर्मचारियों ने बताया कि जिला कलक्टर ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।राजेश सिंघवी ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर ठेका प्रणाली के माध्यम से काम कराया जा रहा है, लेकिन श्रम कानूनों के पालन की प्रभावी निगरानी नहीं होने से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ठेका कंपनियां काम करवाने के बाद कर्मचारियों का भुगतान रोके बिना जवाबदेही के गायब हो जाती हैं, जिससे युवाओं को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मात्स्यकी महाविद्यालय में योग प्रोटोकॉल एवं ध्यान सत्र का आयोजन देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया युवक निकला शातिर बदमाश, युवक पर मारपीट और हत्या के प्रयास सहित तीन मामले