24 News Update जोधपुर। सूर्यनगरी जोधपुर के रेलवे स्टेशन को अब विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। “अमृत भारत स्टेशन योजना” के अंतर्गत 474 करोड़ रुपये की लागत से जोधपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। स्थानीय कला, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक संरचनात्मक विशेषताओं को समाहित करते हुए यह स्टेशन आगामी 50 वर्षों की यात्री जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। स्टेशन की नई संरचना 92,000 से अधिक यात्रियों की दैनिक क्षमता को समाहित करने में सक्षम होगी।
मुख्य व द्वितीय प्रवेश द्वार पर बहुमंजिला भवन निर्माण
पुनर्विकास कार्य के अंतर्गत स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार (राई का बाग) पर भूतल सहित चार मंजिला भवन तथा द्वितीय प्रवेश द्वार (भगत की कोठी) पर भूतल सहित तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। राई का बाग की ओर बनने वाली इमारत 14,000 वर्ग मीटर तथा भगत की कोठी साइड की इमारत 9,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली होगी। मुख्य प्रवेश द्वार की इमारत का पिलिंथ लेवल पूरा हो चुका है तथा स्लैब डालने का कार्य प्रगति पर है, वहीं भगत की कोठी साइड पर ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर का स्ट्रक्चरल वर्क पूर्ण हो चुका है और द्वितीय तल का कार्य जारी है।
विशाल एयर कॉनकोर्स और वाणिज्यिक सुविधाएं
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को उच्चस्तरीय अनुभव देने के लिए 72 मीटर चौड़ा (6121 वर्ग मीटर) एयर कॉनकोर्स तैयार किया जा रहा है, जो सभी प्लेटफॉर्म और दोनों प्रवेश इमारतों को आपस में जोड़ेगा। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक दुकानें, कैफेटेरिया, एग्जीक्यूटिव लाउंज, फूड कोर्ट, पर्यटक सूचना केंद्र और वेटिंग हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
आधुनिक आवागमन की सुविधाएं
यात्रियों के सुगम आवागमन हेतु स्टेशन पर 35 लिफ्ट और 16 एस्केलेटर लगाए जाएंगे। साथ ही 1433 वर्ग मीटर (राई का बाग) और 1678 वर्ग मीटर (भगत की कोठी) क्षेत्र में फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिनके फाउंडेशन कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसके अलावा स्टेशन परिसर में 39000 वर्ग मीटर क्षेत्र में पक्की सड़कें व पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कवर्ड प्लेटफार्म व संरक्षित पहुंच मार्ग
स्टेशन पर करीब 14,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में कवर्ड प्लेटफार्म शेल्टर का कार्य किया जाएगा। स्काईवॉक, स्पष्ट दिशासूचक संकेतक, अलग-अलग आगमन व प्रस्थान द्वार, अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, शौचालय, बैगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर, ट्रेन इंडिकेटर और कोच गाइडेंस बोर्ड जैसी सुविधाएं भी स्टेशन को स्मार्ट बनाएंगी।
ग्रीन बिल्डिंग और पर्यावरणीय उपाय
स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा के अनुरूप बनाया जा रहा है जिसमें ऊर्जा दक्षता को प्राथमिकता दी गई है। इसमें सौर पैनल, कचरा प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वर्षा जल संचयन और फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी प्रणालियों की स्थापना प्रस्तावित है।
पर्यटन व रोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन
जोधपुर पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है। पुनर्विकसित स्टेशन न केवल पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा। स्टेशन की पुनर्रचना से आसपास के क्षेत्र में विकास की गति भी तेज होगी।
रेलवे प्रशासन की सतत निगरानी
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री शशि किरण के अनुसार, महाप्रबंधक श्री अमिताभ के निर्देशानुसार स्टेशन पुनर्विकास कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है और सभी कार्य निर्धारित समयबद्धता में पूर्ण करने के प्रयास जारी हैं। रेलवे द्वारा जोधपुर स्टेशन को शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से लैस कर यात्रियों को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है।
जोधपुर रेलवे स्टेशन पर 474 करोड़ की लागत से पुनर्विकास कार्य तीव्र गति पर, 92 हजार यात्रियों के लिए बन रहा अत्याधुनिक केंद्र

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