जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 पेपरलीक मामले के आरोपी जगदीश विश्नोई को लेकर राजस्थान सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर मंगलवार को नोटिस जारी किया। राज्य सरकार ने करीब चार माह पहले राजस्थान हाईकोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी जगदीश विश्नोई को नोटिस जारी किए। राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि गंभीर आरोपों और जांच में जुटाए गए अहम सबूतों के बावजूद हाईकोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को आरोपी को जमानत दे दी थी। सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जगदीश विश्नोई एसआई भर्ती-2021 से जुड़े संगठित पेपरलीक रैकेट का मास्टरमाइंड और किंगपिन था। सरकार के अनुसार आरोपी ने सह आरोपियों और सेंटर सुपरिंटेंडेंट राजेश खंडेलवाल के साथ मिलकर व्हाट्सएप के जरिए 10 लाख रुपए में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल किया। बाद में पेपर हल करवाकर मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। जांच में सामने आया कि जिन 25 अभ्यर्थियों को लीक पेपर उपलब्ध कराया गया था, उन सभी का चयन भर्ती में हो गया। अकाउंट डायरी और एफएसएल रिपोर्ट बने अहम सबूत सरकार ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान आरोपी के पास से एक अकाउंट डायरी बरामद हुई थी, जिसमें अभ्यर्थियों और रुपए के लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड दर्ज था। एफएसएल रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई कि डायरी में लिखावट जगदीश विश्नोई की ही है। सरकार ने यह भी कहा कि आरोपी वर्ष 2008 से इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ समान प्रकृति के 13 अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस व्यापक साजिश में अब तक 139 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामला फिलहाल आरोपों पर बहस के चरण में लंबित है और करीब 150 गवाहों के बयान अभी बाकी हैं। ऐसे में आरोपी की प्रभावशाली भूमिका को देखते हुए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी। जमानत मिलते ही एसओजी ने दोबारा किया था गिरफ्तार गौरतलब है कि 16 जनवरी 2026 को एसआई भर्ती पेपरलीक मामले में आरोपी जगदीश विश्नोई को हाईकोर्ट की जयपुर पीठ से जमानत मिल गई थी। हालांकि 19 जनवरी को जेल से बाहर निकलते ही एसओजी ने उसे वर्ष 2020-21 के एक अन्य पेपरलीक मामले में गिरफ्तार कर लिया था। इसके खिलाफ आरोपी की पत्नी ने जोधपुर बेंच में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि चार साल पुराने मामले में केवल इस उद्देश्य से नया मुकदमा दर्ज किया गया ताकि आरोपी को जमानत का लाभ नहीं मिल सके। सुनवाई के बाद 30 अप्रैल को हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देते हुए नए मुकदमे को दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताया था। अब राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के 16 जनवरी के जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राजस्थान में गैस उपभोक्ताओं को कंपनियों का अलर्ट संदेश, आय की जानकारी नहीं देने पर बंद हो सकती है सब्सिडी जयपुर हाईकोर्ट की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग करना पड़ा भारी, पूर्व सभापति और ड्राइवर को अवमानना नोटिस