— राजस्थान-गुजरात और उत्तर भारत के रेल नेटवर्क से बढ़ेगी सीधी कनेक्टिविटी 24 News update नाथद्वारा, 2 सितंबर। नाथद्वारा और देवगढ़ के बीच बहुप्रतीक्षित ब्रॉडगेज रेल कनेक्टिविटी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। देवगढ़ मदारिया-नाथद्वारा गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट के तहत लावा सरदारगढ़ से नाथद्वारा तक 42.64 किलोमीटर लंबे नए ब्रॉडगेज रेल खंड का निर्माण और विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने हाल ही में इस रेल खंड का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान 121 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी सफल रहा।रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नाथद्वारा-देवगढ़ रेल खंड अभी विकास कार्यों के लिए सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। आवश्यक निरीक्षण, मंजूरी और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस खंड पर यात्री ट्रेन संचालन की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी ने उम्मीद जताई कि यह रेल खंड जल्द ही ट्रेन संचालन के लिए खोल दिया जाएगा। राजस्थान, गुजरात और उत्तर भारत से सीधा रेल लिंकब्रॉडगेज लाइन शुरू होने के बाद यह क्षेत्र राजस्थान, गुजरात और उत्तर भारत के बड़े रेल नेटवर्क तथा फ्रेट कॉरिडोर से सीधे जुड़ सकेगा। इससे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्रों और अरावली पर्वत श्रृंखला से सटे इलाकों में परिवहन सुविधाओं के साथ सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।नाथद्वारा के धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए इस रेल सेवा से यहां आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भी तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद परिवहन विकल्प मिलेगा। 42.64 किमी रेलखंड पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चरलावा सरदारगढ़-नाथद्वारा रेल खंड पर एक प्रमुख पुल 439.20 मीटर लंबा, इसके अलावा 5 बड़े और 80 छोटे पुल बनाए गए हैं। इन सभी पुलों को 25 टन लोडिंग स्टैंडर्ड के अनुसार आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है।सड़क और रेल यातायात की सुरक्षा के लिए लेवल क्रॉसिंग को कम करने की दिशा में 35 लिमिटेड हाइट सबवे (LHS), 2 सबवे और 2 रोड ओवर ब्रिज (ROB) बनाए गए हैं। केवल तीन लेवल क्रॉसिंग को इंटरलॉक्ड और मैन्ड क्रॉसिंग के रूप में रखा गया है। चार स्टेशनों पर आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टमरेलखंड के चार ब्लॉक स्टेशन—नाथद्वारा, कांकरोली, कुंवारिया और लावा सरदारगढ़—पर स्टैंडर्ड-III इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) और मल्टी-एस्पेक्ट कलर लाइट सिग्नलिंग (MACLS) सिस्टम लगाए गए हैं। सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए हॉट स्टैंडबाय तकनीक के साथ डिजिटल एक्सल काउंटर आधारित पूर्ण ब्लॉक पद्धति लागू की गई है। आपातकालीन संचार के लिए पूरे 42.64 किलोमीटर रेलखंड पर 6-क्वाड केबल और फाइबर ऑप्टिक केबल (OFC) भी बिछाई गई है। स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं भी तैयारलावा सरदारगढ़, कांकरोली और कुंवारिया को तीन-लाइन क्रॉसिंग स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है। यहां 580 से 600 मीटर लंबे हाई-लेवल प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेल्टर, आधुनिक वेटिंग हॉल, दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं और सुरक्षित आवागमन के लिए सबवे/फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। वहीं सोनियाना मेवाड़ और बेजनल को नए ब्रॉडगेज हॉल्ट स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है। यहां स्टेशन भवन, बुकिंग कार्यालय और 400 मीटर से अधिक लंबे हाई-लेवल प्लेटफॉर्म व शेड बनाए गए हैं। सभी स्टेशनों और स्टेशन परिसरों में ऊर्जा-कुशल एलईडी लाइटिंग तथा जीपीएस-सिंक्रनाइज घड़ियां लगाई गई हैं। 134.68 किमी के मारवाड़-मावली गेज कन्वर्जन से भी जुड़ेगा क्षेत्रइस परियोजना से जुड़े मारवाड़-मावली के 134.68 किलोमीटर गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट को वित्तीय वर्ष 2017-18 में मंजूरी मिली थी। परियोजना पर 968.92 करोड़ रुपए की लागत आई है। गेज कन्वर्जन के बाद क्षेत्र को ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क के जरिए राजस्थान, गुजरात और उत्तर भारत के प्रमुख रेल नेटवर्क व ट्रैफिक कॉरिडोर से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य से रेल यातायात प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द तो कुछ के मार्ग बदले पलसिया ग्राम पंचायत में किसान फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए शिविर आयोजित