उदयपुर। शहर में 72 घंटे के अंतराल पर जलापूर्ति करने के जलदाय विभाग के फैसले के बीच मंगलवार को पानी के मुद्दे पर अहम बैठक हुई। उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए शहरवासियों को पानी के लिए ज्यादा इंतजार नहीं कराया जाए और मौजूदा 48 घंटे के अंतराल वाली जलापूर्ति व्यवस्था को ही बनाए रखने के प्रयास किए जाएं। विधायक की मांग पर जलदाय विभाग के अधिकारियों ने तकनीकी स्तर पर प्रयास कर 48 घंटे में जलापूर्ति जारी रखने का भरोसा दिया।विधायक ताराचंद जैन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ नगर निगम के भाजपा पार्षद भी मौजूद रहे। बैठक में 72 घंटे में एक बार पानी देने के फैसले के कारणों और शहर में जलापूर्ति की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रवीन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि इस बार पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण जल स्रोतों में पानी की संभावित कमी को देखते हुए जल उत्पादन में कटौती करना जरूरी हो गया था। इसी स्थिति को देखते हुए 72 घंटे के अंतराल पर जलापूर्ति का निर्णय लिया गया। विधायक जैन ने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों के दौरान शहर में पानी की मांग बढ़ती है। ऐसे में आमजन को पानी की परेशानी से बचाने के लिए 48 घंटे के अंतराल वाली व्यवस्था को जारी रखने की पूरी कोशिश की जानी चाहिए। इस पर अधीक्षण अभियंता रवीन्द्र कुमार चौधरी ने आश्वस्त किया कि विभाग तकनीकी टीम गठित कर जल उत्पादन और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करेगा तथा 48 घंटे में ही जलापूर्ति बनाए रखने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता ने यह भी कहा कि त्योहारों के सीजन में शहरवासियों को पानी की किल्लत नहीं होने देने के प्रयास किए जाएंगे। यदि भविष्य में जल स्रोतों की स्थिति के कारण अत्यधिक आवश्यकता हुई, तभी 72 घंटे के अंतराल पर जलापूर्ति की व्यवस्था लागू करने की स्थिति बन सकती है। बड़ी झील से पटेल सर्कल तक पानी लाने की योजनाबैठक में तत्काल जलापूर्ति के साथ भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक जल स्रोतों और अधोसंरचना पर भी चर्चा हुई। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि बड़ी झील से पटेल सर्कल तक पानी लाने, जयसमंद योजना की पुरानी और जीर्ण-शीर्ण पाइपलाइन को बदलने, कुओं एवं बावड़ियों से जल उत्पादन बढ़ाने तथा नए नलकूपों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय जयपुर भेजे गए हैं।विधायक ताराचंद जैन ने इन प्रस्तावों को जल्द स्वीकृत कराने के लिए सरकार स्तर पर प्रयास करने का भरोसा दिलाया। बैठक में यह भी माना गया कि भविष्य की जल जरूरतों को देखते हुए शहर को केवल मौजूदा जल स्रोतों पर निर्भर रखने के बजाय वैकल्पिक स्रोतों को मजबूत करना जरूरी है। लीकेज और अवैध कनेक्शनों पर सख्ती के निर्देशविधायक जैन ने अधिकारियों को शहर के सभी इलाकों में समान और सुचारू जल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाइपलाइन लीकेज रोकने, अवैध जल कनेक्शनों की पहचान कर कार्रवाई करने तथा पानी के अनावश्यक अपव्यय पर रोक लगाने को कहा।उन्होंने पुराने और बंद पड़े नलकूपों, हैंडपंप, बावड़ियों और पनघटों को भी दोबारा उपयोग में लाने तथा जहां संभव हो वहां से जल उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने आमजन से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की। साथ ही जल संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई।बैठक में अधीक्षण अभियंता रवीन्द्र कुमार चौधरी, अधिशाषी अभियंता नगर खंड प्रथम जेराराम, अधिशाषी अभियंता नगर खंड द्वितीय सृष्टि मेनारिया, जलदाय विभाग के सहायक एवं कनिष्ठ अभियंता तथा पार्षद आकाश वागरेचा, यशवंत आंचलिया, पंकज बोराणा, नरेश वैष्णव, दीपक नागदा, कुंदन चौहान, शंकर कसेरा, लोकेश साहू, निधि गोदा, कुलदीप मेहता, सतीश शर्मा, राजेंद्र परिहार, मनोज साहू, राजेंद्र खगरेचा, वीरेंद्र सिसोदिया, रचना शर्मा, निशा सालवी और वंदना प्रजापत सहित अन्य उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation डबोक में चोरी की दो वारदातों का खुलासा, 54 हजार नकद, जेवरात और बाइक बरामद यदुपति सिंघानिया की 73वीं जयंती पर सेवा के रंग में रंगा निंबाहेड़ा, जेके सीमेंट ने किए कई जनहितकारी आयोजन