उदयपुर, 29 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ के संदेश को केंद्र में रखकर उदयपुर में 2 से 5 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय स्वदेशी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। आरसीए मैदान में भव्य डोम तैयार किए जा रहे हैं और विभिन्न श्रेणियों के उत्पादों के स्टॉल लगाने का काम अंतिम दौर में है। मेला खरीदारी के साथ विद्यार्थियों, युवाओं और महिला उद्यमियों को उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का मंच भी बनेगा। खराड़ी करेंगे उद्घाटन, सांसद रावत रहेंगे अध्यक्ष मेला संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि 2 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन समारोह में राज्य के जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत करेंगे। एमपीयूएटी के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह और उदयपुर नगर निगम के महापौर पारस सिंघवी विशिष्ट अतिथि रहेंगे। उद्घाटन समारोह में एमडीएस स्कूल के 150 विद्यार्थी सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन करेंगे। उद्योग से लेकर आयुष तक दिखेगा स्वदेशी उत्पादों का संसार मेला प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार शर्मा के अनुसार आयोजन का उद्देश्य केवल स्वदेशी उत्पादों की बिक्री नहीं, बल्कि युवाओं में उद्योग, व्यवसाय और उद्यमिता के प्रति सोच विकसित करना भी है। मेले में हिन्दुस्तान जिंक, मिराज, पेस्टीसाइड इंडिया, लिब्रा, सिक्योर मीटर, वोलकेम और ओसावा ग्रुप सहित मेवाड़ के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सहभागिता रहेगी। होटल, ऑटोमोबाइल और आयुष क्षेत्र से जुड़े उत्पाद व संस्थान भी हिस्सा लेंगे। एमपीयूएटी के विभिन्न विभाग उन्नत उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे। स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए स्वच्छ भारत अभियान की विशेष झांकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। फतह स्कूल में पार्किंग, मेला स्थल तक मुफ्त ई-रिक्शा हजारों आगंतुकों की सुविधा के लिए आरसीए मैदान के सामने स्थित फतह स्कूल परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां वाहन खड़े करने के बाद मेला स्थल तक पहुंचने के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध रहेगी। इससे मेला परिसर के आसपास यातायात और पार्किंग का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। महिला चालक देंगी सेवा, ‘पिंक परी क्लब’ की पहल मुफ्त ई-रिक्शा सेवा की खास बात यह होगी कि इसका संचालन उदयपुर के महिला समूह ‘पिंक परी क्लब’ से जुड़ी महिला चालक करेंगी। मेला समिति के अनुसार महिला चालकों को इस व्यवस्था से जोड़ना महिला सशक्तीकरण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की पहल है। मेले में आने वाली महिलाओं, छात्राओं और परिवारों के लिए यह व्यवस्था खास आकर्षण रहेगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हिंदी को राजकाज से आगे जीवन और व्यवहार का माध्यम बनाने पर जोर, आकाशवाणी उदयपुर में राजभाषा पखवाड़े का समापन स्कूलों के समय को लेकर बड़ा बदलाव, 15 अक्टूबर तक प्रातःकालीन समय ही रहेगा लागू