उदयपुर, 2 नवंबर। ठेला और फुटपाथ व्यवसायियों के मुद्दे को लेकर ठेला व्यवसायी मजदूर यूनियन ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा तेज करने का ऐलान किया है। संगठन की शिराली भवन में हुई कार्यकारिणी बैठक में वक्ताओं ने नगर निगम के भाजपा बोर्ड पर ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों के रोजगार और अधिकारों की अनदेखी करने के आरोप लगाए। यूनियन के संरक्षक एवं पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने कहा कि जनता बहुत कुछ माफ कर देती है, लेकिन उसके साथ किए गए व्यवहार को कभी नहीं भूलती। इसलिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अपने पद की मर्यादा के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पद और सत्ता स्थायी नहीं होते और समय बदलता रहता है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की वास्तविक सफलता यही है कि पद से हटने के बाद भी जनता उन्हें सम्मान के साथ याद करे।सिंघवी ने आरोप लगाया कि उदयपुर नगर निगम के महापौर पारस सिंघवी गरीबों और ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों को उजाड़ने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों को बर्बाद करने की सुपारी ले रखी हो। उन्होंने चेतावनी दी कि पद हमेशा नहीं रहते और सभी के दिन बदलते हैं। सीटू के सचिव हीरालाल सालवी ने कहा कि शहर में दीपावली मेला चल रहा है और महापौर पारस सिंघवी वहां नाच रहे हैं, इससे संगठन को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन उन्होंने कहा, “हमारी उनसे विनती है कि वे गरीबों को नाच न नचाएं।”नेशनल हॉकर फेडरेशन के राजस्थान राज्य संयोजक याकूब मोहम्मद ने कहा कि ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों को अतिक्रमी कहकर उनका अपमान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम का भाजपा बोर्ड टाउन वेंडिंग कमेटी के अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से हस्तक्षेप कर रहा है। याकूब ने कहा कि पथ विक्रेता अधिनियम में ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों को कहीं भी अतिक्रमी नहीं कहा गया है। टाउन वेंडिंग कमेटी की अनुमति के बिना नगर निगम को किसी ठेला-फुटपाथ व्यवसायी को उसके व्यवसाय स्थल से बेदखल करने का अधिकार नहीं है।पार्षद राजेंद्र वसीटा ने कहा कि टाउन वेंडिंग कमेटी के चुनाव में 10 में से 8 भाजपा समर्थित ठेला व्यवसायियों को जिताकर ठेला व्यवसायी अब अपनी गलती महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन व्यवसायियों ने उन्हें चुना, यदि वे उनके अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाते हैं तो इतिहास उन्हें माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी से पहले ठेला व्यवसायियों के अधिकारों के पक्ष में बोलना जरूरी है।टीवीसी सदस्य धर्मेंद्र कुमावत ने आरोप लगाया कि नगर निगम में टाउन वेंडिंग कमेटी की नियमानुसार बैठकें नहीं होतीं। जब बैठक होती भी है तो ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों के सम्मान और रोजगार की सुरक्षा के बजाय उनकी बेदखली पर ही चर्चा की जाती है। उन्होंने नगर निगम के भाजपा बोर्ड से ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों के साथ मानवीय व्यवहार करने की मांग की।संगठन अध्यक्ष मोहम्मद निजाम ने आरोप लगाया कि नगर निगम का भाजपा बोर्ड ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों में डर और आतंक पैदा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि गरीबों के सब्र की ज्यादा परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए। गरीब जब संगठित होता है तो बड़े से बड़े सत्ता तंत्र को भी चुनौती दे सकता है।रानू सालवी ने आरोप लगाया कि नगर निगम का भाजपा बोर्ड शहर में कानून के बजाय जंगल का राज स्थापित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि संगठन न्याय और सम्मान के लिए संघर्ष को और तेज करेगा।शाहिद मोहम्मद ने कहा कि उदयपुर की बड़ी आबादी रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के लिए ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों पर निर्भर है। ऐसे में इन व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई को केवल उनके रोजगार पर हमला नहीं माना जा सकता।बैठक में मोहिनी माली, विनोद दया, अमजद शेख, महेंद्र खटीक और रघुनाथ सिंह ने भी विचार रखे। बैठक में तय किया गया कि 22 नवंबर 2026 को ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों के अधिकारों और पथ विक्रेता अधिनियम को लेकर कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा। इसमें उदयपुर के श्रमिक संगठनों और पार्षदों को भी आमंत्रित किया जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सात माह से कुक-कम-हेल्पर का मानदेय अटका, 15 माह से दूध योजना का भुगतान भी बाकी दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2520 किलो केरी का अचार सीज